+

अन्य राज्यों की तर्ज पर बिहार में नौकरी पाने के लिए कैटेरिया फिक्स हो : उपेन्द्र कुशवाहा

अन्य राज्यों की तर्ज पर बिहार में नौकरी पाने के लिए कैटेरिया फिक्स हो : उपेन्द्र कुशवाहा
पटना : पूर्व मंत्री सह रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने राज्य सरकार पर प्रदेश का शिक्षित नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाकर कहा कि अन्य राज्यों में प्रतियोगियों के लिए अलग अलग कैटेरिया बहाल किया गया है। वहीं बिहार में ओपेन ऑफ ऑल के तहत किसी भी राज्य का प्रतियोगी भाग लेकर नौकरी पा सकता है लेकिन बिहार के शिक्षित नौजवान अन्य राज्यों में नौकरी पाने से वंचित हो जायेंगे।

इससे राज्य सरकार वाकीफ है। आस-पास के राज्यों में भी यहां के नौजवान को नौकरी नहीं मिल सकती है। कैटेरिया के तहत यूपी में पांच साल का निवासी होना, उड़ीसा मं उडिय़ा भाषा की जानकारी, झारखंड में बिहार केलोगों की बहाली नहीं हो सकती।

प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से वार्तालाप कर श्री कुशवाहा ने कहा कि शिक्षा के मामले में बिहार निचले पायदान पर है। भारत सरकार के शिक्षा विभाग क अनुसार शिक्षक एवं छात्र के बीच की प्रतिशत मात्रा भी कम है। प्रदेश में करीब 3 लाख शिक्षक का पद खाली है। राज्य सरकार एक लाख 40 हजार शिक्षक नियोजन करने की बात कर रही है।

यह वैकेंसी 2012 की है। शिक्षक नियोजन के लिए कई जिलों में अभी रोस्टर भी लागू नहीं हुआ है। जहां रोस्टर बना भी उसमें कोई पारदर्शिता नहीं है। पूर्णिया जिले में 2548 शिक्षक की बहाली होनी है जिसमें एक भी शिक्षित नौजवानों की बहाली के लिए राज्य सरकार अन्य राज्यों की तरह कैटेरिया फिक्स करे ताकि प्रदेश के नौजवानों को अलग राज्यों में नौकरी न मिलने पर यहां नौकरी पाने से वंचित न रह पायें। उन्होंने राज्य सरकार से अपील कर कहा कि इस मामले पर मुख्यमंत्री गौर करें।
facebook twitter