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मवेशी तस्करी मामला : अनुब्रत मंडल को बेड रेस्ट की सलाह देने वाले दो डॉक्टरों पर CBI ने कसा शिकंजा

पश्चिम बंगाल में पशु तस्करी मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अब बीरभूम जिले के बोलपुर सब-डिवीजन अस्पताल से जुड़े दो डॉक्टरों को सम्मन भेजा है। इन डॉक्टरों ने तृणमूल कांग्रेस नेता अनुब्रत मंडल को 14 दिन के बेड रेस्ट की चिकित्सा सलाह दी थी।
मवेशी तस्करी मामला : अनुब्रत मंडल को बेड रेस्ट की सलाह देने वाले दो डॉक्टरों पर CBI ने कसा शिकंजा
पश्चिम बंगाल में पशु तस्करी मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अब बीरभूम जिले के बोलपुर सब-डिवीजन अस्पताल से जुड़े दो डॉक्टरों को सम्मन भेजा है। इन डॉक्टरों ने तृणमूल कांग्रेस नेता अनुब्रत मंडल को 14 दिन के बेड रेस्ट की चिकित्सा सलाह दी थी।
गिरफ्तारी से एक दिन पहले 14 दिन के बेड रेस्ट की सलाह की
पहले डॉक्टर बोलपुर सब-डिवीजन अस्पताल से जुड़े चंद्र अधिकारी हैं, जो कथित तौर पर गुरुवार की सुबह मंडल की गिरफ्तारी से एक दिन पहले उनके आवास पर गए थे और 14 दिन के बेड रेस्ट की सलाह जारी की थी। सीबीआई के अधिकारी उनसे उन परिस्थितियों के ब्योरे के बारे में पूछताछ करेंगे जिनके तहत उन्होंने चिकित्सा सलाह जारी की, जो सभी चिकित्सा नैतिकता का उल्लंघन करती है।
पूछताछ किए जाने वाले दूसरे डॉक्टर बोलपुर सब-डिवीजन अस्पताल के अधीक्षक डॉ बुद्धदेव मुर्मू हैं, जिन्होंने अधिकारी के दावे के अनुसार, मंडल के आवास पर जाने और सादे कागज पर बिस्तर पर आराम की सलाह जारी करने का निर्देश दिया।
क्या डॉक्टरों को किया गया था मजबूर 
मुर्मू ने मीडियाकर्मियों से कहा था कि वह अपने उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद ऐसा करने के लिए मजबूर हैं। सीबीआई सूत्रों ने कहा कि उनके अधिकारी उनसे सवाल करेंगे कि 'उच्च अधिकारियों' से उनका वास्तव में क्या मतलब था। सीबीआई के एक सहयोगी ने कहा, "उच्च अधिकारियों के हवाले से उनका मतलब उनके रिपोटिर्ंग अधिकारी से था, जो बीरभूम जिले में स्वास्थ्य के मुख्य चिकित्सा अधिकारी हैं, या राज्य के स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय में किसी भी शीर्ष अधिकारी हैं।"
मंडल को हर 48 घंटे के अंतराल पर मेडिकल चेकअप
इस बीच, आसनसोल में सीबीआई की विशेष अदालत के निर्देश के अनुसार, चिकित्सा आपात स्थिति के मामले में, मंडल को कोलकाता के कमांड अस्पताल में इलाज करना पड़ेगा। सीबीआई के अधिकारी पहले ही कमांड अस्पताल के अधिकारियों के साथ बातचीत कर चुके हैं, जिन्होंने इस उद्देश्य के लिए तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड का गठन किया है और अस्पताल के एक सुनसान कोने में एक अलग बिस्तर भी रखा है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, मंडल को हर 48 घंटे के अंतराल पर मेडिकल चेकअप के लिए कमांड अस्पताल ले जाया जाएगा।
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