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अनिल देशमुख के खिलाफ CBI की कार्रवाई पर नवाब मलिक ने कहा- कानून से ऊपर कोई नहीं

राकांपा ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के ठिकानों पर चल रही सीबीआई की छापेमारी पर राकांपा नेता नवाब मलिक ने शनिवार को कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।
अनिल देशमुख के खिलाफ CBI की कार्रवाई पर नवाब मलिक ने कहा- कानून से ऊपर कोई नहीं
राकांपा ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के ठिकानों पर चल रही सीबीआई की छापेमारी पर राकांपा नेता ने शनिवार को कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, और दोहराया कि उच्च न्यायालय के आदेश पर जांच के बाद देशमुख और राज्य सरकार के खिलाफ रचे गए ''राजनीतिक षड़यंत्र'' से पर्दा उठ जाएगा। 
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रवक्ता तथा महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने कहा, ''कानून से ऊपर कोई नहीं है। अनिल देशमुख एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि उन्हें देशमुख के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज किये जाने के बारे में उन्हें जानकारी नहीं हैं। 
मलिक ने कहा कि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को अभी यह बताना है कि निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे ने जब उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के निकट विस्फोटक सामग्री रखी तब वह किसके लिये काम कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया, ''इस मामले में मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त (परमबीर सिंह) की क्या भूमिका थी। ये सभी कार्रवाइयां पूर्व आयुक्त के पत्र के आधार पर की जा रही हैं।'' 
उन्होंने कहा, ''यह कुछ और नहीं, राज्य सरकार और अनिल देशमुख की छवि खराब करने के लिये सत्ता का दुरुपयोग है। हमें न्यायपालिका में पूर्ण विश्वास है और हम जानते हैं कि जांच के जरिये राजनीतिक षड़यंत्र पर से पर्दा उठ जाएगा।'' सीबीआई ने परमबीर सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने के बाद देशमुख के मुंबई और उनके गृह नगर नागपुर में कई ठिकानों पर शनिवार को छापेमारी की। 
उच्च न्यायालय ने राकांपा नेता देशमुख पर लगे आरोपों की सीबीआई जांच के आदेश दिये थे, जिसके बाद इस महीने की शुरुआत में उन्होंने गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। इस बीच, शिवसेना नेता संजय राउत ने भी कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं हैं। 
उन्होंने कहा, ''सीबीआई की कार्रवाई पर टिप्पणी करना ठीक नहीं है। अनिल देशमुख इस मामले में पहले ही बयान दर्ज करा चुके थे। सीबीआई अपना काम कर रही है। इसी प्रकार, उच्च न्यायालय और महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार भी अपना-अपना काम कर रहे हैं।'' 
राउत ने कहा, ''यदि इस मामले में अनिल देशमुख के खिलाफ राजनीतिक षडयंत्र की बात सामने आती है, तो एमवीए सरकार अपना रुख तय करेगी। उम्मीद है कि देशमुख के खिलाफ उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार ही कार्रवाई की गई होगी।'' 
परमबीर सिंह ने 25 मार्च को आपराधिक जनहित याचिका दायर कर देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की थी। सिंह ने दावा किया था कि देशमुख ने निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे समेत पुलिस अधिकारियों को बार और रेस्त्रां से 100 करोड़ रुपये की वसूली करने के लिये कहा था। महाराष्ट्र में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस की गठबंधन सरकार है। 



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