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एम के स्टालिन बोले- केंद्र के कृषि विधेयक किसानों के लिए घातक साबित होंगे

द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन ने कहा कि विधेयक किसानों के लिए घातक साबित होंगे। उन्होंने मुद्दे पर राज्य में सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक की आलोचना करते हुए कहा कि उसने इस पर केंद्र का समर्थन किया
एम के स्टालिन बोले- केंद्र के कृषि विधेयक किसानों के लिए घातक साबित होंगे
तमिलनाडु में विपक्षी द्रमुक ने लोकसभा में पारित केंद्र सरकार के कृषि विधेयकों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि इसमें कारोबारी घरानों का पक्ष लिया गया है। उन्होंने कहा कि इन विधेयकों के कानून बनने के बाद किसान कारोबारी घरानों के ‘‘गुलाम’’ बन जाएंगे। 

द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन ने कहा कि विधेयक किसानों के लिए घातक साबित होंगे। उन्होंने मुद्दे पर राज्य में सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक की आलोचना करते हुए कहा कि उसने इस पर केंद्र का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के सहयोगी शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल ने भी विधेयकों के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। 

स्टालिन ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि इससे कारोबारी घरानों द्वारा किसानों की उपज की जमाखोरी का मार्ग प्रशस्त होगा।  उन्होंने कहा, ‘‘ये विधेयक ना केवल तमिलनाडु बल्कि समूचे भारत के किसानों के लिए घातक साबित होंगे।’’ 

तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया , ‘‘केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा लाए गए तीनों विधेयक किसानों पर अत्याचार की तरह है और इससे किसान कारोबारी घरानों के बंधक बन जाएंगे।’’  किसानों की आय 2022 तक दोगुना करने के भाजपा के वादों पर सवाल करते हुए स्टालिन ने आरोप लगाया कि हालिया कदम कारोबारी घरानों की हिमायत करता है और ‘‘किसान उनके बंधक बन जाएंगे।’’ 



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