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भारी बर्फबारी और बारिश के बीच दूसरे दिन भी रुकी चारधाम यात्रा, यात्रियों को लेना पड़ रहा है अलाव का सहारा

बारिश और बर्फबारी ने दूसरे दिन भी चारधाम यात्रा में व्यवधान डाला। पैदल ट्रैक पर चोटिल होने के खतरे को देखते हुए केदारनाथ और यमुनोत्री धाम की यात्रा मंगलवार को आधे दिन ही चल पाई।
भारी बर्फबारी और बारिश के बीच दूसरे दिन भी रुकी चारधाम यात्रा, यात्रियों को लेना पड़ रहा है अलाव का सहारा
बारिश और बर्फबारी ने दूसरे दिन भी चारधाम यात्रा में व्यवधान डाला। पैदल ट्रैक पर चोटिल होने के खतरे को देखते हुए केदारनाथ और यमुनोत्री धाम की यात्रा मंगलवार को आधे दिन ही चल पाई। इन धामों में दर्शन के लिए जाने वाले करीब 12 हजार श्रद्धालुओं को पड़ावों पर ही रोका गया है। इन्हें बुधवार सुबह आगे की यात्रा के लिए रवाना किया जाएगा।
केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवाएं भी पूरे दिन ठप
बदरीनाथ और गंगोत्री धाम की यात्रा सुचारु रूप से चली। धुंध की वजह से केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवाएं भी पूरे दिन ठप रहीं। सुबह के वक्त केवल तीन ही उड़ान हो पाईं। हेली सेवाओं के सहायक नोडल अधिकारी सुरेंद्र सिंह पंवार के मुताबिक केदारनाथ के लिए प्रतिदिन तीन सौ से अधिक उड़ानें होती हैं। इनसे लगभग दो हजार श्रद्धालु धाम पहुंचते हैं। बारिश के कारण यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की दिक्कतें बनी हुई हैं। बावजूद इसके आस्था की डगर पर हर दिन हजारों लोग पग भर रहे हैं। दो दिनों से बारिश का यात्रा पर असर देखा जा रहा है। श्रद्धालुओं की संख्या भी कुछ कम हुई है। केदारनाथ धाम में सुबह नौ बजे बारिश और बर्फबारी शुरू हुई, जो दोपहर एक बजे तक चली। सुबह अलग-अलग चरणों में पड़ावों से करीब दस हजार श्रद्धालुओं को धाम के लिए रवाना किया गया, लेकिन बारिश को देखते हुए दोपहर 12 बजे करीब आठ हजार यात्रियों को पड़ावों पर ही रोक दिया गया।
दोपहर तक केवल पैदल जाने वालो लोगों दी गई थी जाने की अनुमति 
एहतियातन गौरीकुंड से घोड़ा व खच्चरों की आवाजाही भी रोक दी गई। दोपहर तक केवल पैदल तीर्थयात्रियों को पड़ावों तक जाने की अनुमति दी गई। दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया। इससे जंगलचट्टी, भीमबली, लिनचोली बेस कैंप में तीर्थयात्रियों की ज्यादा भीड़ रही।
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के अनुसार बारिश थमने पर बुधवार श्रद्धालुओं को पड़ावों से आगे भेजा जाएगा। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
जानकी चट्टी में तीर्थयात्री रोके
बारिश के चलते यमुनोत्री धाम की यात्रा दोपहर 12 बजे तक ही चल पाई। इसके बाद करीब चार हजार यात्रियों को जानकीचट्टी व अन्य पड़ावों पर ही रोक दिया गया। धाम से दर्शन करने वालों को लौटने की अनुमति दी गई। रानाचट्टी में भूधंसाव के खतरे को देखते हुए बड़े वाहनों को बड़कोट से आगे नहीं बढ़ने दिया गया। छोटे वाहनों की आवाजाही सुचारु रही। हेमकुंड साहिब दर्शन को जा रहे एक श्रद्धालु पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आकर घायल हो गया। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जोगीधारा के पास बाइक सवार इस श्रद्धालु के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। उसकी पहचान मौला निवासी लखनौर मोहाली चंडीगढ़ के रूप में हुई है।
हेली सेवाओं पर भारी पड़ रहा केदारनाथ का मौसम
केदारनाथ में लगातार मौसम खराब हो रहा है। जिसका सबसे बुरा असर हवाई सेवाओं पर पड़ रहा है। पिछले दो दिन में 95 प्रतिशत हवाई सेवाएं निरस्त हुई। वहीं हेली से बाबा के दर्शन करने जाने वाले यात्रियों के टिकट हेली सेवा प्रदाता कंपनियां निरस्त कर रही है। जिससे यात्री बिना दर्शन के ही वापस लौटने को मजबूर हैं। प्रतिदिन औसतन 30 प्रतिशत उड़ाने कैंसिल हो रही है।
बारिश के कारण 95 प्रतिशत हवाई सेवा रद्द
केदारनाथ में यात्रा शुरू होने के बाद से ही मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। घने बादल छाने के साथ ही बारिश भी हो रही है। पिछले दो दिनों की बात करें तो मंगलवार व सोमवार को 95 प्रतिशत उड़ाने निरस्त हुई। मौसम खराब होने से यात्री बारिश में भीग रहे हैं और ठंड से बीमार भी पड़ रहे हैं। केदारनाथ के लिए रोजाना औसतन तीन सौ उड़ानों की बुकिंग यात्रियों ने की हुई है।
प्रतिदिन डेढ हजार श्रध्दालु हेलिकॉप्टर के जरिए जाते बाबा केदार के द्वार 
नौ हेली सेवा प्रदाता कंपनियां ढाई सौ उड़ान भरती हैं। पिछले दो दिन में मात्र पांच प्रतिशत उड़ाने ही हुई, जबकि 95 प्रतिशत उड़ाने निरस्त हुई। लगभग ढाई सौ यात्री हेली टिकट बुकिंग के बाद भी केदारनाथ हेली सेवा से नहीं पहुंच पा रहे हैं। इन सभी यात्रियों के टिकट हेली कंपनियां कैंसिल कर रही हैं। केदारनाथ के लिए रोजाना औसतन डेढ़ हजार से दो हजार यात्री हेली सेवा से दर्शनों को पहुंच रहे हैं।
हेली कंपनियों के दफ्तरों में भी यात्री खूब काट रहे हंगामा
टिकट कैंसिल होने पर कई यात्री पैदल मार्ग से ही बाबा के दर्शनों को पहुंच रहे हैं। जबकि कई यात्री बिना दर्शन के ही वापस लौट रहे हैं। बुकिंग कैंसिल होने से हेली कंपनियों के दफ्तरों में भी यात्री खूब हंगामा काट रहे हैं लेकिन मौसम की मार के चलते बुकिंग निरस्त करना ही एक मात्र विकल्प है।
केदारनाथ में हेली सेवा के सहायक नोडल अधिकारी एसएस पंवार ने बताया कि रोजाना तीस प्रतिशत उड़ाने निरस्त हो रही हैं। मौसम केदारनाथ में लगातार खराब हो रहा है। जिस कारण यह समस्या आ रही है। उन्होंने कहा कि यात्रियों के टिकट कैंसिल किए जा रहे हैं। ताकि दूसरे दिन अव्यवस्था न हो।
 
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