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Chhattisgarh: हरियाली बढ़ाने और नदी तटों को सुरक्षित करने की दिशा में निरंतर प्रयास, पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बना बलौदाबाजार वन मंडल

12:01 PM Jul 01, 2026 IST | Shivangi Shandilya
chhattisgarh  हरियाली बढ़ाने और नदी तटों को सुरक्षित करने की दिशा में निरंतर प्रयास  पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बना बलौदाबाजार वन मंडल
Balodabazar Forest Division

जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान और घटते वन क्षेत्र की चुनौतियों के बीच बलौदाबाजार वन मंडल पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। वन विभाग द्वारा संचालित पौधरोपण, प्राकृतिक वन पुनर्जीवन और नदी तटों के संरक्षण संबंधी गतिविधियों के सकारात्मक परिणाम ,भविष्य में दिखाई देंगे ।नदी के तट में पानी के कटाव के कारण कृषि आजीविका के साथ-साथ पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है इसे देखते हुए बलौदा बाजार वन मंडल ने एक उपाय निकाला है वे नदी के तट पर सीड्स बॉल का रोपण कर रहे हैं ताकि वहां पर वृक्ष लगा सके उनकी जड़े मजबूत हो और पानी के कटाव को रोका जा सके इसके परिणाम जल्दी दिखाई देने लगेंगे ।

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हरियाली से बदली जंगलों की तस्वीर

Chhattisgarh Forest Department

हाल ही में सामने आए दृश्य बताते हैं कि वन विभाग द्वारा हरियाली संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों से कई क्षेत्रों में वनस्पति का विस्तार हुआ है। नदी किनारे स्थित वन क्षेत्रों में पौधों की सुरक्षा, स्थानीय प्रजातियों के रोपण तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे न केवल जैव विविधता को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि जल संरक्षण और मिट्टी के कटाव को रोकने में भी सहायता मिल रही है।

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"वर्षा में मेगा पौधरोपण अभियान"

वन विभाग द्वारा वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए व्यापक स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप पौधों का चयन कर उन्हें संरक्षित करने की व्यवस्था की जा रही है। विभागीय अमला लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर पौधों की निगरानी तथा उनके संरक्षण का कार्य कर रहा है। बलौदाबाजार के वन मंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर के नेतृत्व में वन संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन को लेकर अनेक नवाचार किए जा रहे हैं। उनका मानना है कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके संरक्षण और दीर्घकालीन संवर्धन पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है। इसी सोच के अनुरूप विभाग द्वारा स्थानीय समुदायों की सहभागिता बढ़ाने, जनजागरूकता अभियान चलाने और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

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"पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बना बलौदाबाजार"

विशेषज्ञों का कहना है कि वन क्षेत्र का विस्तार और नदी तटों का संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने का महत्वपूर्ण माध्यम है। हरित क्षेत्र बढ़ने से वन्यजीवों को बेहतर आवास मिलता है, भूजल स्तर को बनाए रखने में मदद मिलती है और क्षेत्र का पारिस्थितिक संतुलन भी मजबूत होता है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति वन विभाग की यह पहल न केवल बलौदाबाजार जिले के लिए बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभर रही है। यदि इसी प्रकार जनसहभागिता और विभागीय प्रयासों का समन्वय बना रहा तो आने वाले वर्षों में क्षेत्र और अधिक हराभरा तथा पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध बन सकेगा।

रिपोर्ट: आनंद खरे,पंजाब केसरी

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Shivangi Shandilya

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शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।

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