Chhattisgarh: हरियाली बढ़ाने और नदी तटों को सुरक्षित करने की दिशा में निरंतर प्रयास, पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बना बलौदाबाजार वन मंडल
जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान और घटते वन क्षेत्र की चुनौतियों के बीच बलौदाबाजार वन मंडल पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। वन विभाग द्वारा संचालित पौधरोपण, प्राकृतिक वन पुनर्जीवन और नदी तटों के संरक्षण संबंधी गतिविधियों के सकारात्मक परिणाम ,भविष्य में दिखाई देंगे ।नदी के तट में पानी के कटाव के कारण कृषि आजीविका के साथ-साथ पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है इसे देखते हुए बलौदा बाजार वन मंडल ने एक उपाय निकाला है वे नदी के तट पर सीड्स बॉल का रोपण कर रहे हैं ताकि वहां पर वृक्ष लगा सके उनकी जड़े मजबूत हो और पानी के कटाव को रोका जा सके इसके परिणाम जल्दी दिखाई देने लगेंगे ।
हरियाली से बदली जंगलों की तस्वीर

हाल ही में सामने आए दृश्य बताते हैं कि वन विभाग द्वारा हरियाली संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों से कई क्षेत्रों में वनस्पति का विस्तार हुआ है। नदी किनारे स्थित वन क्षेत्रों में पौधों की सुरक्षा, स्थानीय प्रजातियों के रोपण तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे न केवल जैव विविधता को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि जल संरक्षण और मिट्टी के कटाव को रोकने में भी सहायता मिल रही है।
"वर्षा में मेगा पौधरोपण अभियान"
वन विभाग द्वारा वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए व्यापक स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप पौधों का चयन कर उन्हें संरक्षित करने की व्यवस्था की जा रही है। विभागीय अमला लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर पौधों की निगरानी तथा उनके संरक्षण का कार्य कर रहा है। बलौदाबाजार के वन मंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर के नेतृत्व में वन संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन को लेकर अनेक नवाचार किए जा रहे हैं। उनका मानना है कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके संरक्षण और दीर्घकालीन संवर्धन पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है। इसी सोच के अनुरूप विभाग द्वारा स्थानीय समुदायों की सहभागिता बढ़ाने, जनजागरूकता अभियान चलाने और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
"पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बना बलौदाबाजार"
विशेषज्ञों का कहना है कि वन क्षेत्र का विस्तार और नदी तटों का संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने का महत्वपूर्ण माध्यम है। हरित क्षेत्र बढ़ने से वन्यजीवों को बेहतर आवास मिलता है, भूजल स्तर को बनाए रखने में मदद मिलती है और क्षेत्र का पारिस्थितिक संतुलन भी मजबूत होता है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति वन विभाग की यह पहल न केवल बलौदाबाजार जिले के लिए बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभर रही है। यदि इसी प्रकार जनसहभागिता और विभागीय प्रयासों का समन्वय बना रहा तो आने वाले वर्षों में क्षेत्र और अधिक हराभरा तथा पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध बन सकेगा।
रिपोर्ट: आनंद खरे,पंजाब केसरी
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