आधुनिक खेती को बढ़ावा देने में जुटी छत्तीसगढ़ सरकार, किसानों के लिए कई नई पहल
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित एक संयुक्त प्रेसवार्ता में कृषि मंत्री रामविचार नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने राज्य सरकार की कृषि योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और कृषि को आधुनिक बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार का उद्देश्य खेती को नई तकनीक से जोड़कर अधिक लाभकारी बनाना है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि किसानों को समय पर अच्छी गुणवत्ता के खाद और बीज उपलब्ध कराना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
इसके साथ ही सिंचाई सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है ताकि किसानों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीक गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए भी विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके अलावा प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे खेती की लागत कम हो और किसानों को बेहतर लाभ मिल सके। कृषि से जुड़े नए आय के स्रोत विकसित करने की दिशा में भी कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध

कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने बताया कि खरीफ 2026 के लिए राज्य में 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक भंडारण का लक्ष्य रखा गया था। 30 जुलाई तक 15.16 लाख मीट्रिक टन यानी लगभग 98 प्रतिशत उर्वरक का भंडारण पूरा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि किसानों ने अब तक 10.23 लाख मीट्रिक टन उर्वरक प्राप्त कर लिया है। इसके बावजूद राज्य में करीब 4.93 लाख मीट्रिक टन उर्वरक अभी भी उपलब्ध है, जिससे आगे की जरूरत आसानी से पूरी की जा सकेगी।
उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 5,466 निरीक्षण किए जा चुके हैं। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले कई मामलों में एफआईआर दर्ज की गई, लाइसेंस निलंबित किए गए और उर्वरक भी जब्त किए गए। सरकार का कहना है कि किसानों के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
किसानों को हजारों करोड़ रुपये की सहायता
परदेशी ने बताया कि कृषक उन्नति योजना के तहत खरीफ 2023 से लेकर खरीफ 2025 तक राज्य के 25.52 लाख किसानों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 35,892.90 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। वहीं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त के तहत 24.63 लाख किसानों के खातों में 493 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी गई है।
तकनीक आधारित खेती की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़
अधिकारियों ने बताया कि राज्य में एग्रीस्टैक, कृषि यंत्रीकरण, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। किसानों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ने का भी काम चल रहा है, जिससे उन्हें योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
इसके साथ ही उद्यानिकी, डेयरी और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में भी लगातार विकास हो रहा है। सरकार का मानना है कि कृषि के साथ इन क्षेत्रों को मजबूत बनाकर किसानों की आय में स्थायी बढ़ोतरी की जा सकती है। आने वाले समय में खेती को अधिक आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी बनाने के लिए नई योजनाओं पर भी तेजी से काम किया जाएगा।
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