तीसरी बार पेपर लीक से IGKV में मचा बवाल! यूनिवर्सिटी ने पुलिस से की जांच की मांग, जानें पूरा मामला
IGKV Third Paper Leak Reported: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में प्रश्नपत्र लीक का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। विश्वविद्यालय में अब तक तीन परीक्षाओं के पेपर लीक होने के आरोप सामने आ चुके हैं। इनमें से दो परीक्षाएं पहले ही रद्द की जा चुकी हैं। अब तीसरे पेपर को भी रद्द कर मामले की पुलिस जांच कराने की मांग की गई है। इस घटनाक्रम के बाद विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
बीएससी कृषि के ‘फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स’ विषय की परीक्षा 19 अगस्त को विश्वविद्यालय से जुड़े 28 कृषि महाविद्यालयों में हुई थी। परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र के कथित तौर पर लीक होने की बात सामने आई थी। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार और विश्वविद्यालय पर सवाल उठाए थे। मामला सामने आने के बाद IGKV ने इस परीक्षा को रद्द कर दिया। साथ ही विश्वविद्यालय ने तेलीबांधा थाना पुलिस को पत्र भेजकर पूरे मामले की जांच करने का अनुरोध किया है।
पत्रकार ने व्हाट्सऐप पर भेजी PDF
विश्वविद्यालय की शिकायत के अनुसार , एक राष्ट्रीय हिंदी दैनिक के पत्रकार ने विश्वविद्यालय के सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी को व्हाट्सऐप के जरिए एक PDF भेजी थी। इसमें फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स के कथित प्रश्नपत्र के सवाल और उनके जवाब मौजूद थे। मामले की सच्चाई पता लगाने के लिए विश्वविद्यालय ने 5 सदस्यों वाली जांच समिति बनाई। समिति ने उन लिफाफों की भी जांच की, जिनमें प्रश्नपत्र संबंधित कृषि महाविद्यालयों को भेजे गए थे। परीक्षा के बाद इन लिफाफों को वापस विश्वविद्यालय में जमा कराया गया था।
विश्वविद्यालय की शुरुआती जांच में कुछ प्रश्नपत्रों के लिफाफों के साथ छेड़छाड़ के संकेत मिले हैं। इनमें फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स का प्रश्नपत्र वाला लिफाफा भी शामिल बताया गया है। IGKV का कहना है कि जांच में सामने आए ये संकेत पहले सामने आए एक प्रश्नपत्र लीक मामले में मिले सबूतों से मिलते-जुलते हैं। इसके बाद विश्वविद्यालय ने मामले को पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस को सौंपे गए अहम सबूत
विश्वविद्यालय ने पुलिस को जांच के लिए कई दस्तावेज और सबूत सौंपे हैं। इनमें अखबार में प्रकाशित खबर की प्रतियां, कथित तौर पर लीक प्रश्नों और उत्तरों वाली PDF, मूल प्रश्नपत्र और 5 सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट शामिल है।तेलीबांधा थाना पुलिस ने भी शिकायत मिलने की पुष्टि की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और उपलब्ध सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। IGKV में पेपर लीक का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले BSC कृषि द्वितीय वर्ष के ‘एंटोमोलॉजी’ यानी कीट विज्ञान का पेपर भी रद्द किया गया था। 20 अगस्त की सुबह परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक होने की जानकारी सामने आई थी।
इस मामले में दुर्ग जिले के एक निजी कृषि महाविद्यालय के एक प्रोफेसर और पांच छात्रों को 22 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद विश्वविद्यालय ने बीएससी कृषि प्रथम वर्ष के ‘प्लांट पैथोलॉजी’ यानी पादप रोग विज्ञान की परीक्षा भी रद्द कर दी। यह परीक्षा 7 अगस्त को आयोजित हुई थी। पुलिस जांच में प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि के बाद विश्वविद्यालय ने यह फैसला लिया था।
परीक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
लगातार तीन प्रश्नपत्रों को लेकर सामने आए विवाद ने IGKV की परीक्षा व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। एक के बाद एक पेपर रद्द होने से छात्रों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स के मामले में पुलिस जांच शुरू होने के बाद यह साफ होने की उम्मीद है कि प्रश्नपत्र आखिर किस स्तर पर और किस तरह बाहर पहुंचा।
विश्वविद्यालय और पुलिस की जांच के नतीजों से ही यह पता चलेगा कि पेपर लीक के पीछे कौन लोग शामिल थे और प्रश्नपत्र छात्रों तक परीक्षा से पहले कैसे पहुंचा।

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