सुप्रीम कोर्ट में रिसर्च एसोसिएट बनीं रायपुर की सौम्या राठौर
राजधानी की युवा प्रतिभा सौम्या राठौर ने अपनी मेहनत और मेधा से न्यायिक क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक जनसंपर्क संचालनालय, रायपुर और कंपियर आकाशवाणी रायपुर रोशनी राठौर की बेटी सौम्या राठौर का चयन नई दिल्ली स्थित भारत के सर्वोच्च न्यायालय में लीगल असिस्टेंट-कम-रिसर्च एसोसिएट के पद पर हुआ है। वह सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति चंद्रशेखर के कोर्ट में अपनी सेवाएं देंगी।
कम उम्र में छत्तीसगढ़ HC से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक का सफर
सौम्या राठौर ने महाराष्ट्र कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (MHCET) में ऑल इंडिया 23वां स्थान हासिल कर एशिया के सबसे पुराने विधि शिक्षण संस्थानों में शामिल गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, मुंबई में प्रवेश लिया था। यहां से उन्होंने लीगल साइंस एंड एलएलबी की शिक्षा पूरी की। इसके बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में लीगल असिस्टेंट की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर न्यायमूर्ति एन.के. चंद्रवंशी के कोर्ट में मार्च 2026 से लीगल असिस्टेंट के रूप में कार्य किया।
सौम्या की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने कम उम्र में ही कानून के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। सुप्रीम कोर्ट में चयन उनके शैक्षणिक प्रदर्शन, कानूनी समझ और मेहनत का प्रमाण है। इस जिम्मेदारी के माध्यम से उन्हें देश की सर्वोच्च न्यायिक व्यवस्था को करीब से समझने और महत्वपूर्ण कानूनी मामलों में शोध कार्य का अवसर मिलेगा।
शिक्षा के क्षेत्र में परिवार का उत्कृष्ट सफर,
सौम्या की बहन शौर्या राठौर भी मेधावी छात्रा हैं और वर्तमान में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, जगदलपुर से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। दोनों बहनों ने प्रारंभ से ही शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। सौम्या के चयन से परिवार के साथ रायपुर का नाम भी राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुआ है।
धनंजय राठौर मूलतः जांजगीर के निवासी हैं और वर्तमान में रायपुर में निवासरत हैं। सौम्या की इस उपलब्धि पर परिवार, शुभचिंतकों और परिचितों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। सुप्रीम कोर्ट में नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उनसे न्यायिक क्षेत्र में आगे भी उल्लेखनीय योगदान की उम्मीद की जा रही है।
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