+

मुख्यमंत्री योगी ने वाराणसी के बीएचयू में DRDO द्वारा संचालित अस्पताल का किया निरीक्षण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के बीएचयू में डीआरडीओ द्वारा संचालित अस्पताल का निरीक्षण किया। योगी ने हॉस्पिटल में लगे सभी सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने ऑक्सीजन से लेकर के दवाइयों के बारे में डॉक्टरों से जानकारी ली।
मुख्यमंत्री योगी ने वाराणसी के बीएचयू में DRDO द्वारा संचालित अस्पताल का किया निरीक्षण
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के बीएचयू में डीआरडीओ द्वारा संचालित अस्पताल का निरीक्षण किया। योगी ने हॉस्पिटल में लगे सभी सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने ऑक्सीजन से लेकर के दवाइयों के बारे में डॉक्टरों से जानकारी ली। वहीं दोपहर 2:25 बजे बीएचयू स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के बाद बीएचयू सभागार में वाराणसी जिले के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ दोपहर ढाई बजे से चार बजे तक वह बैठक करेंगे। इसके अलावा वाराणसी मंडल के अन्य जिलों के अधिकारियों से वर्चुअल माध्‍यम से बात करेंगे। 
वाराणसी जाने से पहले आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास 5-कालिदास मार्ग, लखनऊ में कोविड-19 की स्थिति के सम्बन्ध में अधिकारियों के साथ वर्चुअल संवाद किया था और इस वर्चुअल संवाद में मुख्यमंत्री ने महामारी पर प्रभावी नियंत्रण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
इससे पहले सीएम योगी शनिवार को मुरादाबाद और बरेली के दौरे पर गए थे। बरेली में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के खिलाफ वर्तमान में जो देश की लड़ाई चल रही है उसमें सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य होने के बावजूद उत्तर प्रदेश प्रभावी ढंग से लड़ाई लड़ रहा है। मुख्‍यमंत्री ने आश्वासन दिया कि प्रशासनिक मशीनरी कोरोना की दूसरी लहर पर अंकुश लगाने में सफल होगी। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि खुद का बचाव करते हुए कोरोना के प्रति व्यापक जागरूकता का कार्यक्रम जरूर चलाएं और अगर आवश्यक ना हो तो घर से बाहर ना निकलें, अगर निकलना भी पड़े तो अनिवार्य रूप से मास्‍क लगाएं और दो गज दूरी का पालन जरूर करें। 
वही मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रेमडेसिविर सहित जीवनरक्षक मानी जा रही सभी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। सरकारी कोविड अस्पतालों में यह इंजेक्शन पूर्णतः निःशुल्क है। निजी अस्पतालों को जरूरत के अनुसार इसकी उपलब्धता कराई जा रही है। 
उन्होंने मण्डल के सभी जिलाधिकारियों को वैक्सीनेशन कार्य को सुचारु एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश देते हुए कहा कि वैक्सीन की वेस्टेज कम करने के लिए बेहतर प्रबन्धन सुनिश्चित किया जाए। वैक्सीनेशन सेण्टर पर उन्हीं लोगों को बुलाया जाए, जिनका वैक्सीनेशन किया जाना है। इससे वेस्टेज कम होगा। साथ ही, भीड़ न होने से संक्रमण के प्रसार की आशंका भी नहीं रहेगी। 
facebook twitter instagram