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CJI रंजन गोगोई रिटायरमेंट से पहले राम मंदिर समेत कई अहम मामलों पर देंगे फैसले

CJI रंजन गोगोई रिटायरमेंट से पहले राम मंदिर समेत कई अहम मामलों पर देंगे फैसले
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर होने वाले है। उनको रिटायर होने से पहले कई  महत्वपूर्ण मुद्दों पर फैसला देना होगा। इनमें सदी के सबसे बड़े विवाद रामजन्म भूमि मामले में फैसला देना शामिल और इस मुद्दे के अलावा राफेल विमान घोटाले में शीर्ष अदालत के निर्णय के लिए दाखिल पुनर्विचार याचिका, सबरीमाला मंदिर जैसे चर्चित मामले लंबित हैं। बता दें कि सीजेआई रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर होंगे और 18 नवंबर को नए सीजेआई की तरह जस्टिस शरद अरविंद बोबडे शपथ लेंगे। राष्ट्रपति ने राम नाथ कोविंद ने भी उन्हें अगला सीजेआई बनाने को मंजूरी दे दी है।  

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, एसए बोबडे, डीवाई चंद्रचूड़, अशोक भूषण और एसए नजीर की पीठ ने इस मामले में 40 दिन सुनवाई कर 16 अक्तूबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था। सूत्रों के अनुसार, फैसले लिखने की प्रक्रिया जारी है। जजों का पूरा लिपीकीय और सचिवालय स्टाफ इस काम में लगा है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में तीन फैसले आ सकते हैं, ये फैसले कैसे होंगे यह नहीं कहा जा सकता। वहीं एक सूत्र ने कहा कि फैसला सर्वसम्मति से एक ही आएगा, लेकिन उसमें जज अपनी अपनी राय अलग से व्यक्त कर सकते हैं। 

राफेल विमान सौदा मामला  
रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 जजों की बेंच ने राफेल फाइटर एयरक्राफ्ट डील को लेकर एक ज्वाइंट रिव्यू याचिका में अपना फैसला सुरक्षित रखा है। यह मामला राफेल पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ अवमानना मामले पर है जिसमें उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने माना है राफेल सौदे में गड़बड़ हुई है और कहा है कि चौकीदार चोर है। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कोई घोटाला नहीं देखते हुए याचिका खारिज कर दी थी।

सबरीमला मंदिर मामला
सितंबर 2018 में रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 जजों की बेंच ने सबरीमाला पर फैसला सुनाते हुए हर महिला को केरल के सबरीमाला मंदिर में पूजा-पाठ करने की इजाजत दी थी।  इस मामले में संविधान पीठ ने पूरा दिन सुनवाई करने के बाद 6 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। यह फैसला पुनरविचार याचिकाओं पर है। सुप्रीम कोर्ट गत वर्ष फैसला दिया था कि केरल के सबरीमाला अयप्पा भगवान मंदिर में 10 से 50 वर्ष की महिलाएं जा सकेंगी। इस फैसले पर पुनर्विचार के लिए दायर याचिकाओं पर यह फैसला आएगा। रियाटर होने से पहले रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच इस पर भी फैसला सुनाएगी। 

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