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निर्भया के दोषियों की फांसी पर बोले CM केजरीवाल- सब संकल्प लें कि दोबारा ना हो ऐसी घटना

निर्भया के चारों दोषी विनय शर्मा, मुकेश सिंह, अक्षय ठाकुर) और पवन गुप्ता को शुक्रवार सुबह 5:00 बजे फांसी के फंदे पर लटका दिया गया।
निर्भया के दोषियों की फांसी पर बोले CM केजरीवाल- सब संकल्प लें कि दोबारा ना हो ऐसी घटना
सात साल के लंबे इंतजार के बाद देश के सबसे बर्बर निर्भया गैंगरेप और हत्याकांड के दोषियों को शुक्रवार को फांसी दे दी गई। निर्भया के चारों दोषी विनय शर्मा, मुकेश सिंह, अक्षय ठाकुर) और पवन गुप्ता को सुबह 5:00 बजे फांसी के फंदे पर लटका दिया गया। दोषियों को फांसी दिए जाने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस तरह की वीभत्स घटना दोबारा न होने की प्रतिक्रिया लेने को कहा। 
उन्होंने कहा, न्याय मिलने में 7 साल का समय लगा। आज, हमें एक प्रतिज्ञा लेनी है कि इसी तरह की घटना फिर से न हो।और भविष्य में किसी बेटी के साथ ऐसा नहीं होने देंगे हमने देखा कि पिछले कुछ महीनों में फांसी की सजा मिलने के बाद भी दोषियों ने सिस्टम हेरफेर किया। हमारे सिस्टम में बहुत सी कमियां है। हमें सिस्टम में सुधार करने की आवश्यकता है।

सात साल बाद निर्भया को मिला इंसाफ, चारों दोषियों को दी गई फांसी

बता दें कि दिल्ली में साल 2012 को 16 दिसंबर की रात को एक चलती बस में बर्बरता से 23 साल की छात्रा के साथ गैंगरेप किया गया। पीड़िता को निर्भया नाम से जाना गया। इस मामले में छह लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें एक नाबालिग शामिल था। वहीं छठे व्यक्ति राम सिंह ने मामले में सुनवाई शुरू होने के कुछ समय बाद खुदकुशी कर ली थी। वहीं नाबालिग को 2015 में रिहा कर दिया गया था। 
उसने सुधार गृह में तीन साल का समय बिताया था। लेकिन अब निर्भया को इंसाफ मिल गया। निर्भया के चारों दोषियों को शुक्रवार सुबह 5.30 बजे दिल्ली के तिहाड़ जेल में फांसी दे दी गई। निर्भया की मां ने इंसाफ के लिए काफी लंबे समय का इंतजार किया। चारों दोषियों को एक साथ फांसी के फंदे पर लटकाया गया। 
फांसी के बाद चारों दोषियों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए दीनदयाल उपाध्याय हॉस्पिटल ले जाया गया। शवों का पोस्टमार्टम जेल मैनुअल और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा। पोस्टमॉर्टम के बाद दोषियों के शव उनके परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। 
दोषियों के परिवारों को लिखित में एक वचन देना होगा कि वे शवों के अंतिम संस्कार या दफनाने के संबंध में किसी भी प्रकार का सार्वजनिक प्रदर्शन नहीं करेंगे। कोर्ट द्वारा गुरुवार को दोषियों की फांसी पर रोक लगने वाली याचिका ख़ारिज किए जाने के बाद फांसी का रास्ता साफ हो गया।
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