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CM चंद्रशेखर राव ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से की मुलाकात, नदी-जल विवाद से संबंधित कई मुद्दों पर हुई चर्चा

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने शनिवार को दोपहर करीब दो बजे केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात की। तेलंगाना सीएम तीन दिवसीय दिल्ली दौरे पर है।
CM चंद्रशेखर राव ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से की मुलाकात, नदी-जल विवाद से संबंधित कई मुद्दों पर हुई चर्चा
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने शनिवार को दोपहर करीब दो बजे केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात की। तेलंगाना सीएम तीन दिवसीय दिल्ली दौरे पर है। शुक्रवार देर शाम के. चंद्रशेखर राव दिल्ली पहुंचे। उसके बाद उन्होंने शनिवार को केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के 12 अशोक रोड़ स्थित आवास पर पहुंचकर जलशक्ति मिशन, हरघर नल योजना व अन्य कई मसलों के संबंध में मुलाकात की।
दोनों नेताओं के बीच करीब 45 मिनट ये मुलाकात जारी रही। गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया। सूत्रों के मुताबित इस दौरान उन्होंने तेलंगाना और आंध्र-प्रदेश के बीच नदी-जल विवाद से संबंधित कई मुद्दों और कृष्णा और गोदावरी नदियों पर निर्मित परियोजनाओं के नियंत्रण के लिए केंद्र द्वारा जारी अधिसूचना पर भी चर्चा की।
जानकारी के मुताबिक तेलंगाना सीएम रविवार को वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्यों की बैठक में शामिल होंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बुलाई गई इस बैठक में सभी माओवादी प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। बैठक में इन राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के भी भाग लेने की उम्मीद है।
इन राज्यों के सामने आने वाले सामान्य मुद्दों, जैसे अंतर-राज्यीय संचालन और आपसी तालमेल की समस्याओं पर चर्चा होने की उम्मीद लगाई जा रही है। ये बैठक इसलिए बेहद महत्व रखती है, क्योंकि यह लगभग तीन वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित की जा रही है।
तेलंगाना सीएम के केंद्रीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री पीयूष गोयल से भी धान खरीद पर चर्चा के लिए एक बैठक प्रस्तावित है। सीएम के. चंद्रशेखर राव की ये इस महीने की दूसरी यात्रा है। इस महीने के शुरूआत में भी केसीआर दिल्ली आए थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की थी।
अपनी इस बैठक के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया कि राज्य में और अधिक जिलों के गठन के मद्देनजर वहां भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की संख्या बढ़ाई जाए। साथ ही राज्य में नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़क-निर्माण कार्य के लिए 60:40 के अनुपात (राज्य का 60 प्रतिशत हिस्सा और केंद्र का 40 प्रतिशत हिस्सा) को दरकिनार करते हुए शत-प्रतिशत वित्तपोषण की भी मांग थी और कहा था कि आंतरिक सुरक्षा के मुद्दे राष्ट्रीय महत्व के हैं।
दिल्ली - एनसीआर :
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