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संसद द्वारा पारित तीन विधेयकों को कांग्रेस ने बताया ‘काला कानून’ कहा- ये कानून मजदूर विरोधी हैं

महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री बालासाहेब थोराट ने बृहस्पतिवार को संसद द्वारा पारित तीन श्रम सुधार विधेयकों को ‘ काला कानून’ करार दिया, जो कामगार वर्ग के हितों के खिलाफ है।
संसद द्वारा पारित तीन विधेयकों को कांग्रेस ने बताया ‘काला कानून’ कहा- ये कानून मजदूर विरोधी हैं
महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री बालासाहेब थोराट ने बृहस्पतिवार को संसद द्वारा पारित तीन श्रम सुधार विधेयकों को ‘ काला कानून’ करार दिया, जो कामगार वर्ग के हितों के खिलाफ है। श्रमिक संघों के प्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार कामगारों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

उल्लेखनीय है कि संसद ने पिछले महीने तीन अहम श्रम सुधार विधेयकों को मंजूरी दी थी, जो कंपनियों के कारोबार समेटने की बाधा को दूर करता है और 300 कर्मचारियों तक वाली कंपनियों को बिना सरकार की अनुमति के श्रमिकों को निकालने की अनुमति देता है।

'उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य तथा कार्यदशा संहिता 2020, 'औद्योगिक संबंध संहिता 2020 और 'सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 को संसद ने मंजूरी दी है। थोराट ने कहा, ‘‘ नये कानून मजदूर विरोधी हैं। ये काले कानून हैं, जो अन्यायपूर्ण हैं।’’

उन्होंने कहा कि श्रमिक वर्ग के लिए मुंबई का विशेष स्थान है और श्रम क्षेत्र में यह महत्व उसने मेहनत से कमाया है। थोराट ने कहा कि मजदूर संघों से हुई बातचीत का ब्योरा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से चर्चा के बाद मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा।
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