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सोनिया की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस की बैठक, मानसून सत्र में कई मुद्दों पर सरकार को घेरने का फैसला

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई रणनीतिक समूह की डिजिटल बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि पार्टी सरकार की ओर से संसद की मंजूरी के लिए लाए जा रहे कुछ अध्यादेशों का विरोध करेगी।
सोनिया की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस की बैठक, मानसून सत्र में कई मुद्दों पर सरकार को घेरने का फैसला
कांग्रेस ने 14 सितंबर से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र से पहले मंगलवार को फैसला किया कि सीमा पर चीन के साथ गतिरोध, कोरोना वायरस संकट और जीडीपी विकास दर में गिरावट समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को घेरा जाएगा।पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई रणनीतिक समूह की डिजिटल बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि पार्टी सरकार की ओर से संसद की मंजूरी के लिए लाए जा रहे कुछ अध्यादेशों का विरोध करेगी।
इन अध्यादेशों में दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) में संशोधन संबंधी अध्यादेश और पीएम केयर्स कोष में अनुदान पर आयकर में शत प्रतिशत की कटौती से संबंधित अध्यादेश प्रमुख हैं। बैठक के बाद कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हम भारतीय सीमा में चीन की घुसपैठ, कोरोना वायरस संकट और अर्थव्यवस्था की बदहाली पर चर्चा की मांग करेंगे। इन मुद्दों को लेकर सरकार को पुरजोर ढंग से घेरने का प्रयास होगा।’’
उन्होंने कहा कि सांसदों के वेतन में कटौती एवं सांसद निधि के निलंबन से जुड़े अध्यादेश पर यह फैसला हुआ कि कांग्रेस वेतन में कटौती के प्रावधान का समर्थन करेगी, लेकिन सांसद निधि के निलंबन का विरोध करेगी। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के इस रणनीतिक समूह की बैठक में सोनिया गांधी ने आगामी सत्र के दौरान सहयोगी दलों के साथ बेहतर समन्वय की जरूरत पर जोर दिया। राहुल गांधी ने भी इन मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की पैरवी की।

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