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दिल्ली : कृषि बिल को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंडिया गेट पर ट्रैक्टर में लगाई आग

मिली जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह दिल्ली के राजपथ पर कृषि बिल के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक ट्रैक्टर में आग लगा दी और कृषि विधेयकों पर विरोध जताया।
दिल्ली : कृषि बिल को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंडिया गेट पर ट्रैक्टर में लगाई आग
इंडिया गेट पर करीब 15-20 लोगों ने सोमवार सुबह एक ट्रैक्टर में आग लगा दी। संसद में पिछले सप्ताह पारित हुए कृषि विधेयकों के विरोध में किसानों और विपक्षी दलों द्वारा देशभर में जारी प्रदर्शन के बीच यह घटना हुई है। दमकल अधिकारियों के अनुसार उन्हें सुबह सात बजकर 42 मिनट पर घटना की जानकारी मिली और दमकल की दो गाड़ियों को तुरन्त मौके पर भेजा गया।
पुलिस उपायुक्त (नयी दिल्ली) ईश सिंघल ने कहा, ‘‘ करीब 15-20 लोग सुबह सवा सात से साढ़े सात बजे के बीच इकट्ठे हुए और उन्होंने ट्रैक्टर में आग लगाने की कोशिश की। आग बुझा दी गई है और ट्रैक्टर वहां से हटा दिया गया है।’’ उन्होंने कहा, "मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वारदात में शामिल लोगों की पहचान भी की जा रही है।"
मिली जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह दिल्ली के राजपथ पर कृषि बिल के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक ट्रैक्टर में आग लगा दी और कृषि विधेयकों पर विरोध जताया।
बता दें कि राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने रविवार को तीन कृषि विधेयकों को मंजूरी दी, जिनके चलते इस समय एक राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ है और खासतौर से पंजाब और हरियाणा के किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। गजट अधिसूचना के अनुसार राष्ट्रपति ने तीन विधेयकों को मंजूरी दी। ये विधेयक हैं- 1) किसान उपज व्‍यापार एवं वाणिज्‍य (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक, 2020, 2) किसान (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) मूल्‍य आश्‍वासन अनुबंध एवं कृषि सेवाएं विधेयक, 2020 और 3) आवश्‍यक वस्‍तु (संशोधन) विधेयक, 2020।
किसान उत्पाद व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) विधेयक, 2020 का उद्देश्य विभिन्न राज्य विधानसभाओं द्वारा गठित कृषि उपज विपणन समितियों (एपीएमसी) द्वारा विनियमित मंडियों के बाहर कृषि उपज की बिक्री की अनुमति देना है। किसानों (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) का मूल्‍य आश्‍वासन अनुबंध एवं कृषि सेवाएं विधेयक का उद्देश्य अनुबंध खेती की इजाजत देना है। 
आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक अनाज, दालों, आलू, प्याज और खाद्य तिलहन जैसे खाद्य पदार्थों के उत्पादन, आपूर्ति, वितरण को विनियमित करता है। संसद ने पिछले सप्ताह इन विधेयकों को मंजूरी दी थी और इनका मकसद कृषि क्षेत्र का उदारीकरण करना और किसानों को बेहतर कीमत के लिए अपनी उपज कहीं भी बेचने की इजाजत देना है।

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