मानहानि मामले में जारी समन के खिलाफ केजरीवाल की याचिका अदालत ने खारिज की

दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की वह याचिका खारिज कर दी जिसमें उन्होंने मानहानि के मामले में निचली अदालत की ओर से जारी समन को चुनौती दी थी। 

निचली अदालत ने यूट्यूबर ध्रुव राठी द्वारा मई 2018 में जारी वीडियो को रीट्वीट करने पर दर्ज आपराधिक मानहानि के मामले में केजरीवाल को बतौर आरोपी तलब किया है। 

मजिस्ट्रेट की अदालत ने सात अगस्त को केजरीवाल को पेश होने का निर्देश दिया था। सोशल मीडिया पेज ‘आई सपोर्ट नरेंद्र मोदी’ ने आप नेता पर अपमानजनक वीडियो रीट्वीट करने का आरोप लगाते हुए आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया है। 

मजिस्ट्रेट अदालत के फैसले को केजरीवाल ने सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी। 

विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहाड़ ने कहा, ‘‘ मजिस्ट्रेट अदालत ने आदेश में समन करने के लिए जरूरी सभी पहलुओं को ध्यान में रखा है। इस चरण में अदालत केवल यह देखती है कि आगे बढ़ने के लिये उपयुक्त आधार है या नहीं और इस आदेश पर गौर करें तो मुझे कुछ भी गैर कानूनी, खामी या कोई अनियमितता दिखाई नहीं देती।’’ 

सुनवाई के दौरान केजरीवाल के वकील ने अदालत से कहा कि उनके मुवक्किल ने शिकायतकर्ता को नुकसान पहुंचाने के इरादे से रीट्वीट नहीं किया था। 

उन्होंने कहा, ‘‘शिकायत राजनीतिक रूप से प्रेरित है और केजरीवाल के खिलाफ कोई अभियोगात्मक सामग्री नहीं है।’’ 

शिकायतकर्ता विकास सांकृत्यायन ने दावा किया कि जर्मनी में रहने वाले राठी ने ‘ भाजपा आईटी प्रकोष्ठ द्वितीय भाग’ शीर्षक से यू ट्यूब पर वीडियो जारी किया जिसमें कई गलत और अपमानजनक बातें थीं। 

उन्होंने कहा, ‘‘ केजरीवाल ने तथ्यों की जांच किए बिना वीडियो रीट्वीट किया। इससे समाज में सही सोचने वाले लोगों के बीच उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची। अभी तक आरोपों को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं रखा गया है।’’ 

सांकृत्यायन ने कहा,‘‘ उनके (केजरीवाल) देश-दुनिया में करोड़ों समर्थक हैं और इसलिए न केवल देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वीडियो की अपुष्ट बातें पहुंची।’’

 
Tags : Fire,photos,नासा,NASA,residues of crops ,court,Arvind Kejriwal,Delhi