Mohsin Naqvi को ACC चेयरमैन के पद से हटाया जाएगा? BCCI ने बढ़ाई मुश्किलें
एशिया कप की ट्रॉफी को लेकर एक बार फिर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन और एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के चीफ मोहसिन नकवी चर्चा में हैं। पिछले साल मेन्स एशिया कप के दौरान इंडियन टीम ने नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। अब श्रीलंका को हराकर वुमेन एशिया कप की चैंपियन बनी इंडियन वुमेन्स टीम ने भी नकवी से ट्रॉफी नहीं ली। इसके बावजूद नकवी ट्रॉफी प्रेजेंटेशन सेलिब्रेशन में मौजूद रहे। इस इवेंट के बाद अब एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि, क्या मोहसिन नकवी को एसीसी चेयरमैन के तौर पर टेन्योर एक्सपेंशन मिल पाएगा? उनका मौजूदा टेन्योर अप्रैल 2027 में खत्म होना है।
Mohsin Naqvi Tenure Expansion: अप्रैल 2027 में खत्म होगा नकवी का कार्यकाल

मोहसिन नकवी को अप्रैल 2025 में एशियन क्रिकेट काउंसिल का चीफ अपोइंट किया गया था। उनसे पहले यह जिम्मेदारी श्रीलंका के शम्मी सिल्वा के पास थी। वहीं, सिल्वा से पहले बीसीसीआई के तत्कालीन सेक्रेटरी जय शाह एसीसी के चेयरमैन रहे थे। एसीसी चेयरमैन की पोस्ट आमतौर पर दो साल के रोटेशन के बेस पर चलती है। इसी अरेंजमेंट की वजह से नकवी का टेन्योर अप्रैल 2027 तक है। यानी मौजूदा समय में उनके टेन्योर के अंदर करीब सात महीने का समय बचा है। इसके बाद एसीसी को नया चेयरमैन चुनना होगा। हालांकि, नियमों में टेन्योर बढ़ाने की गुंजाइश मौजूद है। लेकिन इसके लिए सदस्य देशों की सहमति जरूरी होती है।
जय शाह का कार्यकाल बना था उदाहरण

मोहसिन नकवी के टेन्योर एक्सपेंशन की पॉसीबिलिटी को समझने के लिए जय शाह का एक्ज़ाम्पल अहम है। जय शाह को 2021 में एसीसी की कमान सौंपी गई थी। बाद में सदस्य देशों की सहमति से उनका कार्यकाल आगे बढ़ाया गया और वह 2024 तक इस पद पर बने रहे। इस तरह जय शाह करीब चार साल तक एसीसी के चेयरमैन रहे। यह एक्ज़ाम्पल बताता है कि दो साल की कन्फर्म ड्यूरेशन पूरी होने के बाद भी सदस्य देशों की सहमति से चेयरमैन का टेन्योर बढ़ाया जा सकता है।
क्या नकवी को मिलेगा बीसीसीआई का समर्थन?

हालांकि यहां अब सबसे अहम सवाल यह है कि क्या मोहसिन नकवी को दोबारा एसीसी की कमान संभालने के लिए सदस्य देशों का सपोर्ट मिल पाएगा? बीसीसीआई की ओर से फिलहाल नकवी के टेन्योर एक्सपेंशन को लेकर कोई ऑफिशियल बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, पिछले कुछ समय में भारत और नकवी के बीच पैदा हुए विवादों को देखते हुए बीसीसीआई का सपोर्ट मिलना आसान नजर नहीं आता। पिछले एशिया कप में इंडियन मेन्स टीम द्वारा नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार करने के बाद अब वुमेन्स टीम का भी ऐसा ही रुख सामने आया है। इससे दोनों क्रिकेट बोर्ड के बीच रिलेशन को लेकर पहले से मौजूद तनाव और चर्चा में आ गया है।
अन्य सदस्य देशों का रुख भी अहम
सिर्फ बीसीसीआई ही नहीं, बल्कि एसीसी के बाकी सदस्य देशों का रुख भी नकवी के आने वाले समय के लिए अहम होगा। एसीसी चीफ का टेन्योर बढ़ाने के लिए व्यापक सपोर्ट की जरूरत होगी। ऐसे में मौजूदा सिचुएशन को देखते हुए नकवी के लिए टेन्योर एक्सपेंशन की राह आसान नहीं दिखाई दे रही है। हालांकि, आखरी फैसला सदस्य देशों की सहमति और एसीसी के प्रोसेस के तहत ही होगा।
फिलहाल नकवी अप्रैल 2027 तक एसीसी के चीफ हैं। लेकिन जिस तरह एशिया कप की ट्रॉफी को लेकर भारत के साथ उनका विवाद सामने आया है, उससे यह सवाल जरूर उठने लगा है कि क्या वह निर्धारित समय के बाद भी इस पद पर बने रह पाएंगे या एसीसी को 2027 में नया चेयरमैन मिलेगा।
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