उत्तम नगर में होली के गुब्बारे से शुरू हुआ विवाद बना हत्या का कारण, युवक की मौत के बाद 7 गिरफ्तार
Uttam Nagar Murder Case: राजधानी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली के दौरान हुई एक मामूली घटना ने हिंसक रूप ले लिया। पानी के गुब्बारे को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक की मौत हो गई। मामले में द्वारका जिला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें छह वयस्क और एक नाबालिग शामिल है। पुलिस ने इलाके में स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताया है और शांति बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी है।
पानी के गुब्बारे से शुरू हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार घटना 4 मार्च 2026 की रात करीब 11 बजे की है। उत्तम नगर थाना क्षेत्र में दो पड़ोसी परिवारों के बीच विवाद उस समय शुरू हुआ, जब एक 11 साल की बच्ची ने होली खेलते हुए पानी से भरा गुब्बारा फेंका। यह गुब्बारा गलती से पड़ोस में रहने वाली एक महिला पर गिर गया।
इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई।
झगड़े में आठ लोग घायल
विवाद बढ़ने पर दोनों परिवारों के लोग सड़क पर आ गए और एक-दूसरे पर हमला कर दिया। इस झगड़े में दोनों पक्षों के कुल आठ लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां अधिकांश लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद उसी दिन छुट्टी दे दी गई।
हालांकि 26 वर्षीय तरुण को गंभीर चोटें आई थीं, जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इलाज के दौरान युवक की मौत
तरुण की हालत गंभीर बनी रही और 5 मार्च की दोपहर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। युवक की मौत के बाद पुलिस ने मामले की धाराओं में बदलाव करते हुए इसे हत्या का मामला बना दिया।
सात आरोपी गिरफ्तार, एक नाबालिग भी शामिल
पुलिस ने बताया कि शुरुआत में झगड़े के मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 110/3(5) के तहत केस दर्ज किया गया था और चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
लेकिन तरुण की मौत के बाद मामले में धारा 103(1) (हत्या) जोड़ दी गई। इसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है।
पहले से चल रहा था विवाद
पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों परिवार राजस्थान मूल के हैं और कई दशकों से पड़ोसी के रूप में साथ रह रहे हैं। इनके बीच पहले से ही पार्किंग, कचरा फेंकने जैसी छोटी-छोटी बातों को लेकर मतभेद होते रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, कुछ असामाजिक तत्वों ने इस घटना को अलग रंग देने की कोशिश की, जिससे इलाके में तनाव बढ़ा। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह सांप्रदायिक मामला नहीं, बल्कि दो परिवारों के बीच पुरानी रंजिश का परिणाम है।
इलाके में बढ़ाई गई पुलिस निगरानी
द्वारका के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) कुशल पाल सिंह ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। इलाके में लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है और क्षेत्र को जोन, सेक्टर और सब-सेक्टर में बांटकर निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
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