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CWG 2022 : महिला हॉकी टीम ने 16 साल बाद दिखाया जलवा, कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार जीता ब्रॉन्ज मेडल

राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय महिला हॉकी टीम ने इतिहासिक जीत दर्ज की है। कप्तान सविता पूनिया के शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय महिला हॉकी टीम ने स्टॉपवॉच विवाद से उबरते हुए रविवार को यहां गत चैंपियन न्यूजीलैंड को शूट आउट में 2-1 से हराकर राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीता।
CWG 2022 : महिला हॉकी टीम ने 16 साल बाद दिखाया जलवा, कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार जीता ब्रॉन्ज मेडल
राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय महिला हॉकी टीम ने इतिहासिक जीत दर्ज की है। कप्तान सविता पूनिया के शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय महिला हॉकी टीम ने स्टॉपवॉच विवाद से उबरते हुए रविवार को यहां गत चैंपियन न्यूजीलैंड को शूट आउट में 2-1 से हराकर राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीता।
आखिरी दम तक रोमांचक रहा मुकाबला  
भारतीय महिला हॉकी टीम का राष्ट्रमंडल खेलों में 16 साल में यह पहला पदक है। भारतीय टीम मैच के अंतिम लम्हों में 1-0 से आगे चल रही थी लेकिन आखिरी 30 सेकेंड से भी कम समय में उसने विरोधी टीम को पेनल्टी कॉर्नर दे दिया। यह पेनल्टी स्ट्रोक में बदला और ओलीविया मेरी ने न्यूजीलैंड को बराबरी दिला दी जिसके बाद मुकाबला शूट आउट में खिंच गया। नियमित समय में भारत ने 29वें मिनट में सलीमा टेटे के गोल की बदौलत बढ़त बनाई थी।
पेनल्टी शूटआउट से आया नतीजा
विवादास्पद सेमीफाइनल में आस्ट्रेलिया के खिलाफ दिल तोड़ने वाली हार के बाद इस मुकाबले में खेल रही भारतीय टीम ने पूरे मैच के दौरान बेहतर प्रदर्शन किया और पदक अपने नाम किया। आस्ट्रेलिया के खिलाफ शूट आउट में भारतीय टीम को स्टॉपवॉच के रुकने का खामियाजा भुगतना पड़ा था।न्यूजीलैंड के खिलाफ शूट आउट में भारतीय कप्तान और गोलकीपर सविता ने तीन प्रयासों को शानदार तरीके से नाकाम करके भारत का तीसरा राष्ट्रमंडल पदक पक्का किया। शूट आउट में मेगान हुल ने न्यूजीलैंड को बढ़त दिलाई लेकिन सविता ने रोस टाइनन, केटी डोर और ओलीविया शेनन के प्रयासों को नाकाम कर दिया। भारत के लिए सोनिका और नवनीत ने गोल दागते हुए टीम की जीत सुनिश्चित की।
सविता ने ख़ुशी की जाहिर 
सविता ने कहा, ‘‘हम जानते थे कि यह मुकाबला आसान नहीं होगा इसलिये हमने आने से पहले प्रत्येक मिनट और प्रत्येक सेकेंड काम किया। मुझे गर्व है कि हमने बतौर टीम चुनौती पेश की। ’’
शूटआउट में गोलकीपर होने के नाते दबाव होने पर उन्होंने कहा, ‘‘दबाव हमेशा होता है, लेकिन पूरा श्रेय कोच (यानेक शॉपमैन) को जाता है जिन्होंने मुझे कहा, ‘‘तुम अच्छी हो, इसलिये खुद पर भरोसा रखो और गेंद को देखती रहो। ’’
भारत ने मैच में आक्रामक रुख अपना और कई बार न्यूजीलैंड के सर्कल में प्रवेश किया लेकिन विरोधी टीम के मजबूत डिफेंस को भेदने में नाकाम रहे।
न्यूजीलैंड को मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन भारत की रक्षा पंक्ति ने खतरा टाल दिया। इसके कुछ मिनट बाद संगीता कुमार और फिर सलीमा के प्रयास भी विफल रहे।दूसरे क्वार्टर में भी भारत ने अधिक समय गेंद को अपने कब्जे में रखा लेकिन न्यूजीलैंड को रक्षा पंक्ति को नहीं भेद पाए। न्यूजीलैंड की टीम 26वें मिनट में गोल करने के करीब पहुंची लेकिन सफलता नहीं मिली ।
भारत ने मध्यांतर से एक मिनट पहले बढ़त बनाई जब नवनीत कौर के शॉट को विरोधी गोलकीपर ने रोक दिया लेकिन रिबाउंड पर सलीमा ने रिवर्स हिट से गोल दाग दिया।भारत को 35वें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन वेरिएशन पर टीम गोल दागने में विफल रही।नवनीत और नेहा गोयल के मूव पर सोनिका भी गोल करने में नाकाम रहीं। ऐसा लगा कि 43वें मिनट में मेरी ने न्यूजीलैंड को बराबरी दिला दी लेकिन भारत ने रैफरल लिया और टीवी रैफरी ने गोल को अस्वीकृत कर दिया क्योंकि फ्री हिट पांच मीटर की लाइन से नहीं ली गई थी।
न्यूजीलैंड ने गोलकीपर को हटाया फिर भी नहीं हुआ गोल 
भारत को 52वें मिनट में लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन गुरजीत न्यूजीलैंड की गोलकीपर ग्रेस ओ हेनलोन को छकाने में नाकाम रहीं।मैच में जब सिर्फ ढाई मिनट का खेल बचा था जब लालरेमसियानी ने गैरजरूरी गलती की और उन्हें पीला कार्ड दिखाया गया। न्यूजीलैंड ने इसका फायदा उठाते हुए पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया जो पेनल्टी स्ट्रोक में बदल गया क्योंकि गोल की ओर जा रही गेंद पर नवनीत ने जानबूझकर लात मारी।मेरी ने इसके बाद सविता को छकाकर गोल दागा और मैच शूट आउट में खिंच गया जहां भारत ने धैर्य बरकरार रखते हुए जीत दर्ज की।
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