चक्रवात अम्फान : तूफान के चलते कोलकाता में बिजली, पानी की आपूर्ति ठप, सड़कों पर उतरकर लोगों ने किया विरोध प्रदर्शन

07:39 PM May 23, 2020 | Adesh Dubey
कोरोना संकट के बीच, चक्रवाती अम्फान तूफान के कारण पश्चिम बंगाल और ओडिशा में लोगों को कईं परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चक्रवात अम्फान से प्रभावित कोलकाता के कई इलाकों में पानी और बिजली की आपूर्ति न होने से परेशान लोगों ने शनिवार को भी विरोध प्रदर्शन किए। महानगर के दक्षिणी हिस्से में स्थित बेहाला से लेकर उत्तरी हिस्से के बेलघरिया तक लोगों ने तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया और जगह-जगह सड़कों को खाली बाल्टी और बर्तनों से अवरुद्ध कर दिया। नारकेलडांगा और तेलंगबागान के अलावा सपुइपाड़ा और जादवपुर में पल्लीश्री इलाकों, गरफा मे भी विरोध प्रदर्शन हुए।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अत्यधिक कठिनाई में हैं क्योंकि पिछले तीन दिनों से बिजली नहीं आ रही है और न ही पानी की आपूर्ति हो रही है और बिजली आपूर्तिकर्ताओं सीईएससी और डब्ल्यूबीएसईडीसीएल से भी कोई जवाब नहीं मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। उन्होंने कहा कि बिजली की कटौती के कारण पानी की लोगों के घरों तक आपूर्ति नहीं हो रही है, जिससे इस गर्मी में विकट स्थिति पैदा हो गई है। हालांकि, कुछ प्रदर्शनकारियों ने मौसम कार्यालय द्वारा चक्रवात की गंभीरता के बारे में बार-बार चेतावनी जारी किये जाने के बावजूद कोलकाता नगर निगम (केएमसी) की ओर से की गई तैयारियों में कमी को जिम्मेदार ठहराया, जबकि कई ने बिजली आपूर्तिकर्ताओं की प्रतिक्रिया पर उंगली उठाई।

जादवपुर के एक व्यक्ति ने कहा, ‘‘सीईएससी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है कि बिजली आपूर्ति कब बहाल होगी। हमारे क्षेत्र में ट्रांसफार्मर पर गिरे एक पेड़ को अभी तक नहीं हटाया गया। केएमसी कर्मचारियों ने कहा कि उनके पास उपकरण नहीं हैं, जबकि सीईएससी ने कहा कि वे पेड़ को हटाए जाने के बाद ही काम शुरू कर सकते हैं। हम अमानवीय परिस्थितियों में रह रहे हैं।’’कई अन्य लोगों ने कहा कि बिजली और इंटरनेट की समस्या के कारण वे घर से काम जारी नहीं रख सकते। बहरहाल, दोनों बिजली आपूर्तिकर्ताओं के अधिकारियों ने कहा कि पूरे शहर में हजारों पेड़ उखड़ गए हैं, जिसके कारण बिजली आपूर्ति बहाल करने में समय लग रहा है।

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