पराली से खाद बनाना सीखेंगे दिल्ली के किसान

नई दिल्ली: राजधानी में सर्दियों में हर साल प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है। इस साल भी लोग जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। प्रदूषण में सबसे बड़ा योगदान क्रॉप बर्निंग (पराली जलाना) को माना जाता है। ऐसे में क्रॉप बर्निंग पर विराम लगाने को लेकर दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने एक अच्छी पहल की है। इस पहल के तहत साउथ एमसीडी का हॉर्टिकल्चर विभाग किसानों को पराली के बेहतर इस्तेमाल की सुझाव दे रहा है।

विभाग किसानों को पराली से खाद्य बनाना सिखा रहा है। उसके लिए निगम ने किसानों को ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया है। विभाग की मानें तो अब तक लगभग 100 किसानों को कम्पोस्ट (खाद्य) बनाने की ट्रेनिंग दी जा चुकी है। इस बारे में जानकारी देते हुए विभाग के डाॅयरेक्टर आलोक कुमार ने बताया कि क्रॉप बर्निंग दिल्ली के लिए एक बहुत बड़ी समस्या है। इसकी वजह से हम रोज प्रदूषित वातावरण में सांस लेने को मजबूर हो चुके है। इसलिए हमने इसके समाधान को लेकर एक नया तरीका निकाला कि क्यों न इन किसानों को क्रॉप वेस्ट के बेहतर इस्तेमाल के बारे में बताया जाए?

हमने इस बारे में जब किसानों से बात की तो उन्हें भी ये आइडिया बहुत पसंद आया। इसलिए हमने अब किसानों को ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग डिपार्टमेंट के डिप्टी डाॅयरेक्टर आरके सिंह दे रहे हैं। उन्होंने कहा जल्द किसानों को वर्मी कम्पोस्टिंग की भी ट्रेनिंग दी जाएगी जिससे और बेहतर खाद्य तैयार हो सकेगा।

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