+

दिल्ली सरकार ने केंद्र से अपील - बिजनेस ग्रेजुएट्स को भी सिविल सेवा परीक्षा में बैठने की पात्रता मिले

दिल्ली सरकार ने केंद्र से कहा है कि व्यावसायिक विषय में स्नातक की डिग्री को अन्य विषयों के स्नातक के बराबर मानने की जरूरत है और व्यावसायिक स्नातकों को सिविल सेवा की परीक्षा में बैठने की पात्रता होनी चाहिये ।
दिल्ली सरकार ने केंद्र से अपील - बिजनेस ग्रेजुएट्स को भी सिविल सेवा परीक्षा में बैठने की पात्रता मिले
 दिल्ली सरकार ने केंद्र से कहा है कि व्यावसायिक विषय में स्नातक की डिग्री को अन्य विषयों के स्नातक के बराबर मानने की जरूरत है और व्यावसायिक स्नातकों को सिविल सेवा की परीक्षा में बैठने की पात्रता होनी चाहिये । दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के अनुसार, सरकार ने दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे विश्वविद्यालयों का मसला भी उठाया है जो 12 वीं कक्षा में व्यावसायिक विषय की पढ़ाई करने वाले छात्रों को उन छात्रों के बराबर नहीं मानते हैं तो व्यवसायिक विषय नहीं पढ़ते हैं । 
सिसोदिया ने कहा, ‘‘नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति में व्यावसायिक शिक्षा पर जोर देने की बात की गयी है लेकिन हमारे पास इसका परिणाम कैसे सामने आयेगा जब तक कि हमारी व्यवस्था उनलोगों को सम्मान नहीं देगी जिन्होंने व्यावसायिक शिक्षा की पढ़ाई की है । दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे विश्ववि​द्यालयों में नामांकन के दौरान 12 वीं कक्षा में व्यावसायिक विषयों या कौशल आधारित विषयों में अध्ययन करने वाले छात्रों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है।' 
उन्होंने कहा, 'इसी प्रकार व्यावसायिक शिक्षा में स्नातक करने वाले छात्रों को अन्य विषयों के स्नातकों के बराबर नहीं माना जाता है । उन्हें उच्च शिक्षा एवं नौकरियों में समान अवसर नहीं मिल पाता । वे सिवि​ल सेवा की परीक्षाा में बैठने के भी पात्र नहीं हैं । ऐसे में व्यावसायिक शिक्षा को हम कैसे आगे बढ़ा सकते हैं ।' 
सिसोदिया दिल्ली के शिक्षा मंत्री भी हैं ।उन्होंने कहा, 'हमने इस मसले को केंद्र के साथ उठाया है कि हमें व्यावसायिक विषय के छात्रों को दूसरे विषयों के छात्रों के बराबर मानने की जरूरत है । वे कुछ हद तक इससे सहमत हैं लेकिन यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर अंततः निर्णय उन्हें ही करना है ।' 
Tags : ,Delhi Government,graduates,Center - Business,Civil Services Examination,government,Delhi,civil service examination
facebook twitter