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दिल्ली सरकार का लॉकडाउन का कोई विचार नहीं, भविष्य में लोगों से बातचीत कर होगा निर्णय

कोरोना के बढ़ते मामलों पर दिल्ली के मुख्यमंत्री ने आज एक आपात बैठक की, बैठक के बाद केजरीवाल ने साफ कर दिया कि दिल्ली सरकार का लॉकडाउन लगाने का कोई विचार नहीं है।
दिल्ली सरकार का लॉकडाउन का कोई विचार नहीं, भविष्य में लोगों से बातचीत कर होगा निर्णय
कोरोना के बढ़ते मामलों पर दिल्ली के मुख्यमंत्री ने 

शुक्रवार को एक आपात बैठक की, बैठक के बाद केजरीवाल ने साफ कर दिया कि दिल्ली सरकार का लॉकडाउन लगाने का कोई विचार नहीं है। अगर भविष्य में जरूरत पड़ी तो लोगों से बातचीत करके ही निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि, दिल्ली ने सबसे ज्यादा मुश्किल कोरोना की स्थिती में एनकाउंटर किया है, देश के लिए कोरोना की ये दूसरी लहर हो सकती है लेकिन दिल्ली के लिए ये चौथी वेब (लहर) है। सीएम के अनुसार आज राष्ट्रीय राजधानी में 3583 केस आए हैं। वहीं 16 मार्च को लगभग 425 केस थे। इस लहर में दिन पर दिन बहुत तेजी से मामले बढ़ रहे हैं, यह देखने को मिल रहा है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार स्थिति पर पूरी नजर रखे हुए है। 
डाटा के अनुसार कोरोना के केस तेजी से बढ़ रहे हैं, हालांकि ये लहर पिछली लहर से कम खतरनाक है। कोरोना से होने वाली मौतें कम हो रही है वहीं लोगों को अस्पताल में और आईसीयू में भर्ती होते है वो कम है। अक्टूबर महीने में आईसीयू में 1700 के करीब मरीज थे, आज 800 हैं। तब 4000 मरीज आ रहे थे, 40 मौतें रोज हो रही थीं, आज 7-8 मौतें हो रही हैं। 
हमने आज बैठक कर ये देखा कि अस्पतालों में और कितनी व्यवस्था करने की जरूरत है, एम्बुलेंस, वेंटिलेटर, आईसीयू ऑक्सीजन की व्यवस्था पर विचार किया और रूप रेखा तैयार की है। उन्होंने आगे कहा कि, हमारे सामने 3 काम हैं। पहला इसको कैसे रोका जाए। टेस्ट, ट्रेसिंग और आइसोलेशन। दूसरा जिधर कंटेन्मेंट जोन बनाने होंगे बनाएंगे, लेकिन इस वक्त जनता की भूमिका ज्यादा सरकार की कम। पिछली 3 वेव को दिल्लीवालों ने खूबसूरती से हैंडल किया है। हॉस्पिटल मैनेजमेंट और टीकाकरण पर सरकार ध्यान दे रही है।मुख्यमंत्री ने एकबार फिर जनता से अपील कि की वह कोरोना नियमों का पालन करें वहीं मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग बरकरार रखें। 
हमें खुशी कि केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल से 45 साल से उम्र के लोगों के टीकाकरण की इजाजत देदी है। कल हमने 71 हजार टीकाकरण किए। हमें दो दिक्कतें आ रही हैं, पहला केंद्र सरकार ने गाइडलाइंस जारी की हैं कि जहां भी वेक्सिनेशन होगा, वो अस्पताल या हेल्थ फेसिलिटी के अंदर हो सकता है। केंद्र सरकार मास लेवल पर टीकाकरण करने की इजाजत दें तो हम कम्युनिटी सेंटर, स्कूल और कई अलग अलग सुविधा कर युद्ध स्तर पर टीकाकरण की शुरूआत कर सकते हैं। यदि ऐसा हो सका तो कोरोना को काबू करने में मदद मिलेगी।
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