+

कोरोना ने बिगाड़ी दिल्ली की वित्तीय स्थिति, सरकार ने खर्चा बढ़ने के कारण व्यय में कटौती का दिया निर्देश

दिल्ली सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण के चलते खर्चा बढ़ने से दिल्ली सरकार ने एक मेमोरेंडम आदेश जारी किया है। दैनिक कार्यों में होने कार्यों (आवश्यक कार्यों को छोड़ कर) व अन्य व्यय में कटौती करने का आदेश जारी किया गया है।
कोरोना ने बिगाड़ी दिल्ली की वित्तीय स्थिति, सरकार ने खर्चा बढ़ने के कारण व्यय में कटौती का दिया निर्देश
कोरोना वायरस वैश्विक महमारी ने देश समेत पूरी दुनिया को अपने प्रकोप में ले रखा है, ऐसे में इस वैश्विक महामारी के कारण दुनियाभर के तमाम देशों की आर्थिक हालत  खस्ता बनी हुई है। इसी बीच दिल्ली सरकार ने भी एक ऐलान किया है, जिसमें कहा गया है कि कोरोना वायरस संक्रमण के चलते खर्चा बढ़ने से दिल्ली सरकार ने एक मेमोरेंडम आदेश जारी किया है। 
आपको बता दें कि यह निर्णय इसलिए लिया गया है, ताकि किसी तरीके को अमल में लाकर इस मुश्किल वक्त में खर्चे के प्रबंधन को नियंत्रित किया जा सके। दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरूवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि खर्चे के बढ़ने के कारण यह आदेश जारी किया गया है। 
उन्होंने कहा कि दैनिक कार्यों में होने कार्यों (आवश्यक कार्यों को छोड़ कर) व अन्य व्यय में कटौती करने का आदेश जारी किया गया है। हालांकि, दिल्ली के नागरिकों के लिए चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं पर इस कटौती का कोई असर नहीं होगा और वे पहले के समान चलती रहेंगी।
मनीष सिसोदिया ने बताया कि वित्त वर्ष 2021-22 के पहले दो महीनों के दौरान दिल्ली सरकार के खर्च में पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि की तुलना में लगभग 80 फीसदी की वृद्धि हुई है। उन्होंने आगे बताया कि चालू वित्त वर्ष के पहले दो महीनों के दौरान दिल्ली की राजस्व प्राप्तियां 5,273.26 करोड़ रुपये रही हैं, जबकि खर्च 8,511.09 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इन दो महीनों में दिल्ली ने अपनी प्राप्तियों से 3,237.83 करोड़ रुपये अधिक खर्च किए हैं जो पिछले साल की बचत से मिले थे।
उपमुख्यमंत्री ने साझा किया कि वित्तवर्ष 2019-20 के दौरान पहले 2 महीनों के खर्च 4705.14 करोड़ था, वित्तवर्ष 2020-21 में ये 4965.5 करोड़ था। कोरोना महामारी के कारण खर्चे तेजी से बढ़कर चालू वित्तवर्ष में 8511.09 करोड़ पहुंच गया है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर और लॉकडाउन के कारण कर संग्रह में गिरावट आई है। जबकि कोरोना काल में विभिन्न राहत कार्यों के कारण पिछले वर्षों की तुलना में खर्च में वृद्धि हुई है।


facebook twitter instagram