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2002 की SIR लिस्ट में नाम न होने पर कट सकता है वोट? जानें चुनाव आयोग ने क्या कहा

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बीच, चुनाव आयोग ने लाखों मतदाताओं को राहत दी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने स्पष्ट किया है कि केवल 2002 की SIR लिस्ट में नाम न होने के आधार पर किसी मतदाता का नाम सूची से नहीं काटा जाएगा।
11:30 AM Aug 06, 2026 IST | Bhawana Rawat
दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बीच, चुनाव आयोग ने लाखों मतदाताओं को राहत दी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने स्पष्ट किया है कि केवल 2002 की SIR लिस्ट में नाम न होने के आधार पर किसी मतदाता का नाम सूची से नहीं काटा जाएगा।
2002 की sir लिस्ट में नाम न होने पर कट सकता है वोट  जानें चुनाव आयोग ने क्या कहा
2002 SIR List Voter Verification

दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया अभी चल ही रही थी कि इस बीच चुनाव आयोग ने लाखों मतदाताओं को राहत दी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने साफ कर दिया है कि जिन भी लोगों का नाम 2002 की SIR लिस्ट में नहीं है, तो सिर्फ इस वजह से मतदाता सूची से किसी भी मतदाता का नाम नहीं हटाया जाएगा।

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यह बयान 'आम आदमी पार्टी' के नेता सोमनाथ भारती के उस आरोप के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि IIT और लॉ की पढ़ाई करने के बाद भी साल 2002 में वोटर लिस्ट में उनका नाम नहीं था। इसके साथ ही, भारती ने उन खबरों पर भी चिंता जताई है जिनमें कहा गया है कि दिल्ली में वोटर लिस्ट सुधार के दौरान 20 से 30 लाख लोगों के नाम काटे जा सकते हैं।

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किन 2 वजह से कट सकता है नाम?

आयोग ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ दो वजह से ही किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से बाहर हो सकता है। अगर 17 अगस्त तक अगर कोई अपना एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं कराता है या फिर वह मतदान के लिए पात्र नहीं पाया जाता, तो इस स्थिति में वोटर लिस्ट से नाम कट सकता है।

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2002 की लिस्ट में नाम न मिलने पर क्या करें?

आयोग ने कहा है कि अगर किसी वोटर का नाम 2002 की वोटर लिस्ट नहीं मिलता, तो वह एन्यूमरेशन फॉर्म में अपने माता-पिता, दादा-दादी/ नाना-नानी की जानकारी भर सकते हैं। अगर उनका नाम भी 2002 के SIR रिकॉर्ड में नहीं मिलता है, तो वह बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के पास उपलब्ध जानकारी के साथ फॉर्म जमा करा सकते हैं। ऐसे वोटर्स की डिटेल्स डिजिटाइजेशन की जाएगी और उनका नाम 24 अगस्त को पब्लिश होने वाले ड्राफ्ट रोल में दिखेगा।

वोटर लिस्ट में नाम रखने के लिए क्या करना होगा?

2002 SIR List Voter Verification
2002 SIR List Voter Verification (Image- Social Media)

ड्राफ्ट लिस्ट पब्लिश होने के बाद चुनाव आयोग 24 अगस्त से 23 सितंबर के बीच ऐसे वोटर्स को नोटिस भेजेगी, जिनकी डिटेल्स 2002 के रिकॉर्ड से वेरीफाई नहीं हो पाई थी। उन वोटर्स को इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) के सामने जरुरी डाक्यूमेंट्स जमा करने होंगे ताकि पक्का हो पाए कि उनका नाम 27 अक्टूबर की फाइनल वोटर लिस्ट में बना रहे।

कहां मिलेगी 2002 की वोटर लिस्ट?

सीईओ ऑफिस ने बताया है कि साल 2002 की मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। लोग अपनी जानकारी, वोटर आईडी कार्ड नंबर या पोलिंग स्टेशन के जरिए लिस्ट में अपना और अपने परिवार वालों का नाम आसानी से देख सकते हैं।

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Bhawana Rawat

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भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।

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