जेएनयू स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं के विरोध में एबीवीपी का धरना दूसरे दिन भी जारी
JNU : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की कमी, विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुपलब्धता और मरीजों के साथ कथित असंवेदनशील व्यवहार के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में सुधार और छात्रों को बेहतर, सुलभ एवं सम्मानजनक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
एबीवीपी के अनुसार, स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार की घटना के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई। संगठन ने दावा किया कि इस दौरान विकास पटेल, अभय और अनिमेष घायल हुए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि आंदोलन केवल एक घटना के विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि जेएनयू की स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर है।
एबीवीपी ने स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक चिकित्सा उपकरण तत्काल उपलब्ध कराने, विशेषज्ञ चिकित्सकों की पर्याप्त व्यवस्था करने और मरीजों को समय पर उपचार सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही छात्रों और कर्मचारियों के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार किए जाने पर जोर दिया।
एबीवीपी जेएनयू अध्यक्ष मयंक पांचाल ने कहा कि धरने का दूसरा दिन है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्रों की मूल मांगों पर अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य केंद्र जैसी बुनियादी सुविधा में छात्रों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं की जानकारी लेने और समस्याएं रखने पहुंचे विद्यार्थियों के साथ धक्का-मुक्की की घटना गंभीर है।
वहीं, एबीवीपी जेएनयू मंत्री प्रवीण कुमार पीयूष ने कहा कि संगठन छात्रों के स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़े मुद्दे पर आंदोलन जारी रखेगा। उन्होंने घायल कार्यकर्ताओं के मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार की मांग की।

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