सीजेपी ने केंद्र सरकार से बातचीत का निमंत्रण ठुकराया
CJP Rejects Government Invitation For Talks : पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का जंतर-मंतर पर धरना जारी है। इस बीच केंद्र सरकार ने एक बार फिर सीजेपी को मुद्दों पर बातचीत के लिए बुलावा भेजा, लेकिन सीजेपी ने इसे फिर ठुकरा दिया। सीजेपी नेतृत्व का कहना है कि सरकार बातचीत करना चाहती है तो उसे खुद जंतर-मंतर पर आना चाहिए। हालांकि, उनका कहना है कि वे प्रदर्शनस्थल से इतर किसी तटस्थ स्थान पर भी वार्ता के लिए तैयार हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सीजेपी नेताओं को प्रस्ताव भेजा था कि वे गुरुवार को बातचीत के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल भेज सकते हैं।
नड्डा ने कहा कि सरकार प्रदर्शनकारियों से वार्ता के लिए हर वक्त तैयार है। सीजेपी प्रतिनिधि उनके आवास या कार्यालय, कहीं भी-कभी भी उनसे मुलाकात और बातचीत के लिए आ सकते हैं। हालांकि, सीजेपी ने सरकार के इस निमंत्रण को ठुकरा दिया और उनका कोई प्रतिनिधि बातचीत के लिए नहीं पहुंचा। जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शनस्थल पर सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमें बुधवार को सरकार के बुलावे की जानकारी नहीं मिली थी। गुरुवार सुबह पुलिस अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय मंत्री नड्डा ने अपने आवास पर बुलाया है।
सौरभ ने कहा, ‘सीजेपी बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन हमने इसके लिए किसी के भी घर या कार्यालय पर जाने से साफ इनकार कर दिया है। जनता की अदालत यहीं है। मंत्रियों को लोगों के बीच आना चाहिए। अगर वे बातचीत करना चाहते हैं, तो यह जंतर-मंतर पर ही होनी चाहिए।’ हालांकि, एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अगर सरकार और मंत्रियों को सुरक्षा संबंधी किसी प्रकार की चिंताएं हैं तो सीजेपी जंतर-मंतर के पास किसी तटस्थ जगह पर बातचीत करने पर विचार करने के लिए भी तैयार है। इससे पहले बुधवार को भी सीजेपी ने केंद्रीय मंत्री नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की ओर से बातचीत के बुलावे को ठुकरा दिया था।
बता दें कि सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका इससे पहले सोमवार को नड्डा से मिले थे और अपनी मांगें बताई थीं। दूसरी तरफ पीएम मोदी के महत्वपूर्ण ऐलान के बाद सीजेपी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग को फिर से दोहराते हुए कहा कि प्रश्नपत्र लीक के मामलों में कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री की घोषणा में जवाबदेही के मुद्दे पर कोई बात नहीं की गई है। सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया का स्वागत किया, लेकिन कहा कि यह लगभग डेढ़ महीने के विरोध-प्रदर्शनों के बाद आई और बार-बार प्रश्नपत्र लीक होने के पीछे के मुख्य सवाल का जवाब नहीं दिया।

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