एथलीट पुनीत सिंह को पुलिस द्वारा रोके जाने पर बढ़ा विवाद, सिखों ने उठाए सवाल
Delhi News : स्केटिंग के जरिए कई वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके और देश भर में 10,000 किलोमीटर की यात्रा पर निकले युवा सिख एथलीट पुनीत सिंह खालसा को असम में यात्रा के दौरान पुलिस द्वारा रोके जाने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों के अनुसार, असम पुलिस के जवानों ने पिस्तौल के दम पर पुनीत सिंह को घेरा, उनका धार्मिक शस्त्र (कृपाण) छीनने की कोशिश की और उन्हें थाने ले जाने की बात कही। इस घटना का वीडियो और जानकारी सामने आने के बाद सिख समुदाय और विभिन्न नेताओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
इस बारे में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान और अकाली नेता मंजीत सिंह जीके ने इस कार्रवाई को संवैधानिक अधिकारों का सीधा हनन बताया है।
उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 का हवाला देते हुए कहा गया है कि सिखों द्वारा कृपाण धारण करना उनका धार्मिक आचरण और संवैधानिक अधिकार है। जीके ने इस घटना के विरोध में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से तुरंत संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि देश के कोने-कोने में शांति और नशामुक्त भारत का संदेश लेकर यात्रा कर रहे एक रिकॉर्ड धारक युवा खिलाड़ी के साथ ऐसा व्यवहार बेहद शर्मनाक है। मंजीत सिंह जीने ने एक वीडियो जारी कर सीएम से मांग की है कि इस घटना में शामिल पुलिसकर्मियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड किया जाए और उनके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।
सोशल मीडिया पर समर्थन और न्याय की गुहार
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस घटना के वीडियो और रील्स तेजी से शेयर हो रहे हैं। यूजर इस मामले में एथलीट पुनीत सिंह के समर्थन में उतर आए हैं और पुलिस की इस कार्रवाई को अनुचित ठहराते हुए न्याय की मांग कर रहे हैं। सिख संगठनों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे पुनीत सिंह की हर संभव कानूनी और प्रशासनिक मदद करेंगे और उनके अधिकारों का हनन नहीं होने देंगे।

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