W3Schools
Advertisement

दिल्ली सरकार ने बढ़ाया राजधानी का हरित विरासत का सुरक्षा कवच

09:30 PM Oct 02, 2026 IST | Sumant Chaudhary
दिल्ली सरकार ने बढ़ाया राजधानी का हरित विरासत का सुरक्षा कवच
Rekha Gupta

Delhi Government : दिल्ली की प्राकृतिक विरासत और हरित क्षेत्र को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए रेखा गुप्ता सरकार ने इंडियन फॉरेस्ट एक्ट, 1927 की धारा 20 के तहत नॉर्दर्न रिज के लिए फेज-1 नोटिफिकेशन को स्वीकृति दे दी है। इसके तहत नॉर्दर्न रिज की 112.328 हेक्टेयर यानी 277.56 एकड़ भूमि को आरक्षित वन घोषित किया जा रहा है। यह क्षेत्र अरावली पर्वत श्रृंखला का हिस्सा है और दिल्ली के महत्वपूर्ण हरित एवं पारिस्थितिक क्षेत्र के रूप में कार्य करता है।

Advertisement

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नॉर्दर्न रिज दिल्ली की अमूल्य प्राकृतिक विरासत है और इसका संरक्षण शहर के पर्यावरणीय स्वास्थ्य के साथ-साथ आने वाली पीढिय़ों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। 112.328 हेक्टेयर भूमि को आरक्षित वन घोषित करने के लिए फेज-1 नोटिफिकेशन को मंजूरी देना दिल्ली के हरित क्षेत्रों को सुरक्षित रखने और राजधानी को अधिक स्वस्थ, हरित और पर्यावरणीय चुनौतियों के प्रति मजबूत बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। नॉर्दर्न रिज दिल्ली के ‘ग्रीन लंग्स’ और पारिस्थितिक केंद्र की भूमिका निभाता है। इसे आरक्षित वन का कानूनी संरक्षण मिलने से इसके दीर्घकालिक संरक्षण का आधार और मजबूत होगा।

Advertisement

पूर्व सरकारों की तुलना में आरक्षित वन क्षेत्र में बड़ा विस्तार

Advertisement

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि दिल्ली में वन क्षेत्रों को कानूनी संरक्षण देने की दिशा में वर्तमान सरकार ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। पिछली सरकारों के दौरान मात्र 96.16 हेक्टेयर (237.611 एकड़) भूमि को आरक्षित वन के रूप में अधिसूचित किया गया था, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक 5,267.009 हेक्टेयर (13,014.77 एकड़) क्षेत्र को अधिसूचित किया जा चुका है। अब नॉर्दर्न रिज की 112.328 हेक्टेयर भूमि अधिसूचित होने के बाद कुल क्षेत्र 5,363.169 हेक्टेयर यानी लगभग 13,252.390 एकड़ हो जाएगा। इसी व्यापक संरक्षण अभियान की कड़ी में दिल्ली सरकार ने पिछले माह भी दक्षिणी रिज की करीब 1,000 एकड़ (400 हेक्टेयर) अतिरिक्त भूमि को भी आरक्षित वन के रूप में अधिसूचित करने की स्वीकृति दी थी। इससे दिल्ली के रिज क्षेत्रों और प्राकृतिक हरित विरासत को संरक्षित करने के सरकार के प्रयासों को और मजबूती मिली है।

पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई साथ-साथ

रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ, हरित और स्वस्थ बनाने की लड़ाई केवल प्रदूषण के तत्काल प्रभावों को कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए शहर की प्राकृतिक पारिस्थितिकी को मजबूत करना भी उतना ही जरूरी है। नॉर्दर्न रिज जैसे प्राकृतिक क्षेत्रों का संरक्षण, हरित क्षेत्र बढ़ाना और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना दिल्ली को वायु प्रदूषण तथा जलवायु संबंधी चुनौतियों से निपटने में दीर्घकालिक मजबूती देगा। उनकी सरकार दिल्ली की प्राकृतिक विरासत को आने वाली पीढिय़ों के लिए सुरक्षित रखने के साथ-साथ प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई को भी लगातार मजबूत कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी दिशा में इस वर्ष दिल्ली में 73 लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं। पौधे लगाए जाने की यह प्रक्रिया अब भी जारी है।

इसके अलावा ‘एक पेड़ मां के नाम’ नागरिक अभियान और ‘वृक्ष रथ’ पहल के माध्यम से लोगों को अपने घरों और आसपास पौधारोपण के लिए प्रोत्साहित किया गया है। रिज क्षेत्रों में भूजल रिचार्ज को बेहतर बनाने के लिए चेक-डैम निर्माण और प्राकृतिक पुनर्जीवन के कार्य भी किए जा रहे हैं। स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों को जलवायु एवं जैव विविधता के प्रति जागरूक करने के लिए ‘इको-वॉरियर्स’ के रूप में भी जोड़ा गया है।

अगले चरण में सीमांकन, पर्यावास प्रबंधन और जनभागीदारी

रेखा गुप्ता ने कहा कि नॉर्दर्न रिज के संरक्षण की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। अगले चरण में क्षेत्र के सीमांकन, पर्यावास प्रबंधन और सामुदायिक भागीदारी से जुड़े उपाय किए जाएंगे। इससे नॉर्दर्न रिज के संरक्षण को और मजबूत करने के साथ-साथ दिल्ली के हरित फेफड़ों और पारिस्थितिक केंद्र के रूप में इसकी भूमिका को भी सुदृढ़ किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की हरियाली और प्राकृतिक विरासत का संरक्षण सरकार की सतत प्राथमिकता है। हरित क्षेत्र और प्राकृतिक संसाधन राजधानी के टिकाऊ भविष्य की आधारशिला हैं और सरकार इनके संरक्षण के लिए निरंतर कदम उठाती रहेगी।

Advertisement
Author Image

Sumant Chaudhary

View all posts

Advertisement
Advertisement
×