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दिल्ली हाईकोर्ट ने वर्चुअल सुनवाई के दौरान ड्राइव करते वकील पर ठोका 1 लाख का जुर्माना, कहा- 'व्यवहार नियमों का उल्लंघन'

कोर्ट बेंच में सुनवाई करते हुए जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला ने कहा कि जब कोर्ट को एक दिन में 70 से अधिक मामले सुनने होते हैं तो सुनवाई के दौरान बेकग्राउंड में होने वाला शोर या हलचल बाधा डालती है और सुनवाई करने की कोर्ट क्षमता पर असर डालती है.
03:22 PM Sep 29, 2026 IST | Rohit Singh
कोर्ट बेंच में सुनवाई करते हुए जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला ने कहा कि जब कोर्ट को एक दिन में 70 से अधिक मामले सुनने होते हैं तो सुनवाई के दौरान बेकग्राउंड में होने वाला शोर या हलचल बाधा डालती है और सुनवाई करने की कोर्ट क्षमता पर असर डालती है.
दिल्ली हाईकोर्ट ने वर्चुअल सुनवाई के दौरान ड्राइव करते वकील पर ठोका 1 लाख का जुर्माना  कहा   व्यवहार नियमों का उल्लंघन
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Delhi High Court : दिल्ली हाई कोर्ट में आज एक दिलचस्प मामला घटा जहां कोर्ट की वर्चुअल सुनवाई के दौरान के वकील पर 1 लाख का जुर्माना लगा दिया गया. दरअसल, जिस दौरान सुनवाई हो रही थी उस दौरान वकील अपनी कार चलाते हुए वर्चुअल सुनवाई में शामिल हुए थे. यह बात कोर्ट को नागवार गुजरी. कोर्ट ने साफ़ जाहिर करते हुए कहा कि वर्चुअल सुनवाई की सुविधा के लिए कोर्ट की मर्यादा से समझौता नहीं किया जा सकता और न ही इससे न्यायिक कार्रवाही में कोई बाधा आनी चाहिए.

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कोर्ट बेंच में सुनवाई करते हुए जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला ने कहा कि जब कोर्ट को एक दिन में 70 से अधिक मामले सुनने होते हैं तो सुनवाई के दौरान बेकग्राउंड में होने वाला शोर या हलचल बाधा डालती है और सुनवाई करने की कोर्ट क्षमता पर असर डालती है.

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क्या था मामला

लाइव ला की रिपोर्ट के अनुसार कोर्ट ने कहा, "हालांकि यह कोर्ट वर्चुअल सुनवाई से मिलने वाली सुविधा की सराहना करता है, लेकिन ऐसी सुविधा कोर्ट की मर्यादा की कीमत पर नहीं मिलनी चाहिए और न ही इससे न्यायिक कार्यवाही में कोई बाधा आनी चाहिए."

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जस्टिस शुक्ला, साउथ इंडियन बैंक लिमिटेड और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के खिलाफ दायर एग्जीक्यूशन प्रोसीडिंग्स (फैसले को लागू करने की कार्यवाही) की सुनवाई कर रहे थे.

कोर्ट ने गौर किया कि दिल्ली हाईकोर्ट के इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियम, 2025 के अनुसार, खास हालात और कोर्ट की इजाज़त के वकीलों को कोशिश करनी चाहिए कि वे गाड़ियों से कार्यवाही में शामिल न हों. जस्टिस शुक्ला ने साफ़ किया कि इस नियम का मकसद यह पक्का करना था कि जब वकील वर्चुअल रूप से शामिल हों, तो वे ऐसे माहौल से शामिल हों जो कोर्ट के सही कामकाज के लिए अनुकूल हो.

लगाया 1 लाख का जुर्माना

कोर्ट ने कहा, "मौजूदा मामले में ऐसी कोई खास परिस्थिति नहीं है और वकील का व्यवहार नियमों का उल्लंघन है." कोर्ट ने आदेश दिया, "ऊपर बताई गई बातों को ध्यान में रखते हुए डिक्री होल्डर (फैसला जीतने वाले पक्ष) के वकील पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया जाता है, जिसे आज से एक हफ़्ते के भीतर दिल्ली हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज़ कमेटी को देना होगा."

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Rohit Singh

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रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।

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