जेन अल्फा संग दिल्ली पुलिस ने लिया मैच का आनंद
Spots News : 'उड़ने दो परिंदों को अभी शोख हवा में, फिर लौट के बचपन के जमाने नहीं आते' मशहूर शायर बशीर बद्र का यह शेर मंगलवार को अरुण जेटली स्टेडियम में उस वक्त साकार होता नजर आया, जब करीब 300 बच्चों ने क्रिकेट के रोमांच के बीच अपने बचपन का एक यादगार दिन जिया। टीवी और मोबाइल की स्क्रीन पर क्रिकेट देखने वाले इन बच्चों ने पहली बार मैदान पर खिलाड़ियों को सामने खेलते देखा तो उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। इन बच्चों का यह सपना सामाजिक संस्था अधिकार मंच ने डीडीसीए के सहयोग से पूरा किया।
संस्था की ओर से दिल्ली के चार स्कूलों के बच्चों को विमेंस दिल्ली प्रीमियर लीग (डब्ल्यूडीपीएल) का लाइव मुकाबला दिखाने की पहल की गई। इसमें शास्त्री पार्क के ग्रीन लैंड मॉडल स्कूल, दिलशाद गार्डन के हंसराज स्मारक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, गौतम पुरी के नवजीवन आदर्श पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल और लाल किले में दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल द्वारा संचालित थानसिंह की पाठशाला के बच्चे नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स विमेंस और साउथ दिल्ली सुपरस्टार्स विमेंस के बीच हुए मुकाबले के गवाह बने।
मैच शुरू होते ही बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। चौके-छक्कों पर बच्चों ने जमकर तालियां बजाई। साथ ही स्टेडियम में चल रहे डीजे के गानों पर डांस भी किया। मैच के दौरान बच्चों से मिलने पहुंचे दिल्ली पुलिस की सेंट्रल रेज के जॉइंट सीपी मधुर वर्मा को बच्चों ने अपने हाथ से बनाया इंडिया का फ्लैग गिफ्ट किया।
इस दौरान अधिकार मंच के महासचिव वीनू गुप्ता, बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सीके खन्ना, डीडीसीए के डायरेक्टर मंजीत सिंह और स्कूल के मैनेजर अजय पराशर मौजूद रहे। मैच शुरू होने से पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की सेंट्रल रेंज की ओर से बच्चों को रोड सेफ्टी के बारे में भी जागरूक किया गया। यह कार्यक्रम डीसीपी के. रमेश की देखरेख और टीआई गोपाल के नेतृत्व में आयोजित किया गया।
इसके बाद स्टेडियम में पहुंचते ही बच्चों ने चिल्लाना शुरू कर दिया। इसके बाद खिलाड़ी जैसे ही मैदान पर उतरे, बच्चों ने तालियों के साथ उनका स्वागत किया। मुकाबला आगे बढ़ा तो हर चौके और छक्के पर स्टेडियम बच्चों की तालियों से गूंज उठा। रोमांचक पलों के साथ बच्चों का उत्साह भी बढ़ता गया। कई बच्चे अपनी सीटों पर खड़े होकर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते नजर आए।
मंच की ओर से बच्चों को यह अवसर उन्हें खेलों से जोड़ने और बड़े स्तर की खेल गतिविधियों का प्रत्यक्ष अनुभव कराने के उद्देश्य से दिया गया। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि बच्चों में खेल भावना और टीमवर्क की भावना विकसित करने के लिए ऐसे आयोजन बेहद महत्वपूर्ण हैं। क्रिकेट जैसे लोकप्रिय खेल को मैदान में प्रत्यक्ष देखने से बच्चों का उत्साह बढ़ता है और उनमें खेलों के प्रति रुचि भी पैदा होती है।

Join Channel