सौर ऊर्जा से रोशन होगा दिल्ली, 400 यूनिट खपत वाले घरों में बिना अग्रिम लागत लगेगा सोलर सिस्टम
Delhi To Be Illuminated By Solar Energy : दिल्ली के ऊर्जा परिदृश्य में बदलाव की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने सौर ऊर्जा को घर-घर तक पहुंचाने के लिए दिल्ली सौर ऊर्जा नीति का नया संस्करण (दूसरा संशोधन) पेश किया है। नई पॉलिसी के तहत, वित्त वर्ष 2025-26 में औसतन 400 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वाले घरेलू ग्राहकों के लिए 3 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम बिना किसी शुरुआती खर्च के लगाए जाएंगे। विशेष बात यह है कि 200 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वाले ग्राहक सोलर सिस्टम लगाने के बाद न सिर्फ सब्सिडी का फायदा पाते रहेंगे, बल्कि बचाई गई बिजली के बदले उन्हें एनर्जी-सेविंग इंसेंटिव भी मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के विजन को दिल्ली में और मजबूत करते हुए सरकार ने ऐसी व्यवस्था तैयार की है, जिसमें आम परिवार के लिए सोलर सिस्टम लगाना आसान और लगभग बिना वित्तीय बोझ के होगा। इस नीति से दिल्ली के लोग बिजली इस्तेमाल करने के साथ-साथ बिजली भी पैदा कर सकेंगे। सीएम ने कहा कि पीएम का विजन ‘विकसित भारत’ का है और विकसित भारत का रास्ता निश्चित रूप से ‘विकसित दिल्ली’ से होकर जाता है। इसी सोच के अनुरूप दिल्ली सरकार ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। दिल्ली में सौर ऊर्जा की संभावनाएं बहुत अधिक हैं और सरकार का लक्ष्य केवल बिजली बिल कम करना नहीं, बल्कि दिल्ली के घरों को बिजली पैदा करने वाला घर बनाना है।
3 किलोवाट तक का सोलर सिस्टम बिना अग्रिम लागत
सीएम ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत 400 यूनिट तक की औसत मासिक बिजली खपत वाले पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को, सोलर सिस्टम की स्थापना की तकनीकी व्यवहार्यता के आधार पर, 3 किलोवाट तक का रूफटॉप सोलर सिस्टम बिना किसी अग्रिम लागत के उपलब्ध कराया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली 78,000 रुपये की सब्सिडी के साथ दिल्ली सरकार भी 78,000 रुपये की पूंजीगत सब्सिडी देगी। इसके अलावा, दिल्ली सरकार अतिरिक्त टॉप-अप के माध्यम से सब्सिडी और सोलर प्लांट की टेंडर में तय लागत के बीच के अंतर को भी पूरा करेगी।
उन्होंने कहा कि पहले सोलर सिस्टम लगवाने के लिए उपभोक्ताओं को अग्रिम राशि का भुगतान करना पड़ता था, जबकि प्रोत्साहन राशि बाद के वर्षों में मिलती थी। नई नीति में इस व्यवस्था को बदलते हुए शुरुआत में ही वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी गई है ताकि उपभोक्ताओं पर शुरुआत में आर्थिक बोझ न पड़े।
बिजली सब्सिडी के साथ सोलर से होने वाली बचत का भी लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार की मौजूदा बिजली सब्सिडी जारी रहेगी। इसका मतलब है कि पात्र उपभोक्ता बिजली सब्सिडी के साथ-साथ अपनी छत पर लगाए गए सोलर सिस्टम से होने वाली बचत का भी लाभ उठा सकेंगे। 3 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगभग 300 यूनिट बिजली पैदा कर सकता है। यदि कोई परिवार 200 यूनिट बिजली की खपत करता है तो वह अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर उसका भी लाभ उठा सकता है। इस तरह उपभोक्ता न केवल मुफ्त बिजली का इस्तेमाल करेंगे, बल्कि उसके उत्पादन में भी भागीदार बनेंगे और इस प्रक्रिया में आय भी अर्जित करेंगे। ग्रिड में भेजी गई बिजली के लिए डिस्कॉम की औसत बिजली खरीद लागत के अनुसार भुगतान भी किया जाएगा।
पहले पांच साल मुफ्त रखरखाव
मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि सरकार ने सोलर सिस्टम लगाने के साथ उसके संचालन और रखरखाव की व्यवस्था को भी आसान बनाया है। सोलर विक्रेता पहले पांच साल तक सिस्टम का संचालन और रखरखाव मुफ्त उपलब्ध कराएंगे। इसके बाद उपभोक्ता अपनी इच्छानुसार बिजली वितरण कंपनियों के माध्यम से रखरखाव और बीमा की सुविधा ले सकेंगे। यह सुविधा सीधे बिजली वितरण कंपनियों या उनकी सूचीबद्ध एजेंसियों के माध्यम से, लागू शुल्क के भुगतान पर ली जा सकेगी। इससे सोलर सिस्टम के लगभग 25 वर्ष के जीवनकाल तक उसके सुचारु संचालन में मदद मिलेगी।
मार्च 2027 तक 2.30 लाख घरों की छतों पर सोलर लगाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने मार्च 2027 तक 2 लाख 30 हजार घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा है। साथ ही दिल्ली सोलर पॉलिसी के तहत मार्च 2027 तक 500 मेगावाट अतिरिक्त रूफटॉप सोलर क्षमता जोड़ने का लक्ष्य है। दिल्ली की हर छत को सौर ऊर्जा से जोड़ना सरकार का बड़ा लक्ष्य है। दिल्ली की सरकारी इमारतों पर भी सोलर सिस्टम लगाने का काम पहले से जारी है।
मुफ्त बिजली को अगले 25 वर्षों के लिए सुरक्षित किया: ऊर्जा मंत्री
ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि 40वीं कैबिनेट बैठक में हमने उस बड़े झूठ को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है कि मुफ्त बिजली को लंबे समय तक जारी नहीं रखा जा सकता। हमने न केवल मुफ्त बिजली की व्यवस्था को जारी रखा है, बल्कि इसे अगले 25 वर्षों के लिए सुरक्षित और संस्थागत भी किया है। दिल्ली सोलर एनर्जी पॉलिसी-2023 के दूसरे संशोधन को मंजूरी देने का ऐतिहासिक निर्णय इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। इसके तहत 2 लाख 30 हजार उपभोक्ताओं की छतों पर बिना अग्रिम लागत के सोलर सिस्टम लगाए जाएंगे। यह निर्णय दिल्ली के हर घर को बिजली का केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि बिजली उत्पादन में भी भागीदार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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