13 साल तक इलाज के लिए AIIMS के चक्कर काटती रही बच्ची, हार्ट- लंग्स ट्रांसप्लांट से पहले हुई मौत
13 साल जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही 15 साल की तन्वी ने मंगलवार सुबह दिल्ली AIIMS में दम तोड़ दिया है। वह जब 2 साल की थी, तबसे इलाज के लिए AIIMS आ रही थी। इलाज के लिए बच्ची को काफी लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा, इसके बावजूद भी इलाज नहीं मिला। लड़की के पिता ने आरोप लगाया कि 2015 में सर्जरी की डेट मिली थी और इसके बाद तारीखे बदल दी गई लेकिन सर्जरी नहीं हुई। उनका कहना है कि अगर डॉक्टरों सर्जरी कर देते, तो उनकी बेटी की जान बच जाती।
बच्ची को क्या बीमारी थी?
राजस्थान के कोटा की रहने वाली 15 साल की तन्वी को दिल में छेद (वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट) और पल्मोनरी एट्रेसिया जैसी गंभीर बीमारी थी। इसके चलते उसे 2 साल की उम्र में, 2012 में एम्स लाया गया था। साल 2014 में डॉक्टरों ने 1.2 लाख रुपये के खर्च के साथ सर्जरी की सलाह दी थी और 2 सितंबर 2015 की तारीख भी तय हुई थी, जिसे बाद में टाल दिया गया।
साल 2018 में सर्जरी न करने का फैसला किया
साल 2018 की जांच में पता चला कि तन्वी के दिल का ढांचा बेहद जटिल है और फेफड़ों को खून पहुंचाने वाली मुख्य नसें गायब हैं, जिससे सर्जरी जानलेवा हो सकती थी। इसी जोखिम की वजह से डॉक्टरों ने 2018 में सर्जरी न करने का फैसला किया और तब से उसका इलाज सिर्फ दवाओं से चल रहा है। बाद में डॉक्टरों ने परिजनों को हार्ट-लंग ट्रांसप्लांट की संभावना के बारे में भी बताया था।
मंगलवार को कार्डियक अरेस्ट से हुई मौत
बच्ची की हालत बिगड़ने पर उसके पिता अस्पताल लेकर आए। 24 अगस्त को उसे हार्ट और लंग ट्रांसप्लांट की संभावना के साथ भर्ती किया गया था। उसके सभी जांचे हुई, सोमवार शाम को बच्ची की एंडोस्कोपी हुई। इसके बाद मंगलवार को सुबह 5:06 बजे तन्वी को कार्डियक अरेस्ट आया और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इतने लंबे इलाज के बाद भी तन्वी की जान नहीं बच पाई और आखिरकार उसने दम तोड़ दिया।
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