भारत की पर्यटन गाथा के लिए एआई का सहारा, इनमोबी के साथ पर्यटन मंत्रालय का करार
Delhi News : भारत के पर्यटन स्थलों को देश-दुनिया के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और कम चर्चित गंतव्यों को पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता देने के लिए पर्यटन मंत्रालय ने डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का सहारा लेने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर मंत्रालय ने डिजिटल कंपनी इनमोबी के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है। इस साझेदारी के जरिए भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ-साथ कम ज्ञात गंतव्यों, पर्यटन सर्किट और शहरों का डिजिटल माध्यम से प्रचार किया जाएगा। भारत सरकार ने इनके अलावा चार अन्य कंपनियों के साथ भी एमओयू साइन किया है।
भारत मंडपम में आयोजित विश्व पर्यटन दिवस समारोह में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की मौजूदगी में एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। इस वर्ष विश्व पर्यटन दिवस की थीम ‘पर्यटन को नया स्वरूप देने के लिए डिजिटल एजेंडा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ रखी गई है। इस अवसर पर गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि देश का लक्ष्य केवल अधिक पर्यटकों को आकर्षित करना नहीं है, बल्कि पर्यटकों के ठहरने की अवधि बढ़ाना, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, रोजगार के अवसर पैदा करना और बेहतर तथा उत्तरदायी पर्यटन अनुभव उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय डिजिटल पर्यटन स्टैक और ‘देखो अपना देश 2.0’ जैसे प्रयास इसी दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
करोड़ों स्मार्टफोन स्क्रीन तक पहुंचेगी भारत की पर्यटन गाथा
यह साझेदारी इनमोबी समूह के एआई-आधारित उपभोक्ता सहभागिता प्लेटफॉर्म ग्लांस के साथ मिलकर लागू की जाएगी। ग्लांस स्मार्टफोन की लॉक स्क्रीन पर उपयोगकर्ताओं की रुचि के अनुरूप डिजिटल सामग्री उपलब्ध कराता है। कंपनी के अनुसार, ग्लांस की पहुंच दुनिया भर में करीब 55 करोड़ डिवाइस तक है। इनमोबी की वैश्विक वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं मुख्य कॉरपोरेट कार्य और लोक नीति अधिकारी डॉ. सुबी चतुर्वेदी ने कहा कि भारत की पर्यटन गाथा को प्रत्येक भारतीय और भावी पर्यटक तक पहुंचाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस साझेदारी के तहत एआई के माध्यम से प्रसिद्ध और अपेक्षाकृत अनदेखे पर्यटन स्थलों को करोड़ों स्मार्टफोन स्क्रीन तक पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही ऐसी यात्रा को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसमें भारत की विरासत और संस्कृति के प्रति सम्मान का ध्यान रखा जाए।
कम चर्चित पर्यटन स्थलों को मिलेगा डिजिटल मंच
एमओयू के तहत पर्यटन मंत्रालय, अतुल्य भारत और ग्लांस मिलकर भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों, कम ज्ञात गंतव्यों, पर्यटन सर्किट और शहरों का प्रचार करेंगे। इसका उद्देश्य पर्यटकों को लोकप्रिय स्थलों से आगे बढ़कर देश के अन्य हिस्सों की यात्रा के लिए प्रेरित करना है। इस पहल में उत्तरदायी पर्यटन पर भी विशेष जोर रहेगा। डिजिटल सामग्री के माध्यम से पर्यटकों को पर्यटन स्थलों को स्वच्छ रखने, ऐतिहासिक स्मारकों की देखभाल करने और विरासत तथा सांस्कृतिक स्थलों पर उचित आचरण अपनाने के लिए जागरूक किया जाएगा।
युवाओं को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने पर जोर
साझेदारी का एक प्रमुख उद्देश्य देश के युवाओं को भारत की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना भी है। इसके लिए एआई आधारित डिजिटल स्टोरीटेलिंग के जरिए देश के विभिन्न गंतव्यों और सांस्कृतिक अनुभवों को युवाओं तक ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पहुंचाया जाएगा, जिससे वे नियमित रूप से जुड़े रहते हैं। पर्यटन मंत्रालय के सचिव भुवनेश कुमार ने कहा कि विश्व आर्थिक मंच के यात्रा एवं पर्यटन विकास सूचकांक में भारत का वैश्विक स्तर पर 31वें स्थान पर पहुंचना देश के पर्यटन क्षेत्र की क्षमता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय डिजिटल पर्यटन स्टैक और उद्योग के साथ की जा रही साझेदारियां यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगी कि दुनिया भारत को किस तरह देखती और अनुभव करती है। यह समझौता राष्ट्रीय डिजिटल पर्यटन स्टैक और ‘देखो अपना देश 2.0’ के तहत पर्यटन मांग को लोकप्रिय स्थलों से कम ज्ञात गंतव

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