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नीट पेपर लीक मामले में कोर्ट ने CBI को पूरक चार्जशीट दाखिल करने के लिए दिया 7 दिनों का अतिरिक्त समय

जांच एजेंसी के अनुसार, 3 मई को आयोजित हुई नीट परीक्षा का पेपर प्रश्नपत्र तैयार करने और ट्रांसलेशन के दौरान ही लीक किया गया था। इस मामले में मनीषा मंधारे, प्रहलाद कुलकर्णी, मनोज शिरूरे, तेजस शाह और शुभम खैरनार समेत 13 लोगों को मुख्य आरोपी बनाया गया है। जुलाई में दाखिल की गई पहली चार्जशीट में करीब 360 गवाहों के बयान शामिल थे।
04:03 PM Sep 30, 2026 IST | Rohit Singh
जांच एजेंसी के अनुसार, 3 मई को आयोजित हुई नीट परीक्षा का पेपर प्रश्नपत्र तैयार करने और ट्रांसलेशन के दौरान ही लीक किया गया था। इस मामले में मनीषा मंधारे, प्रहलाद कुलकर्णी, मनोज शिरूरे, तेजस शाह और शुभम खैरनार समेत 13 लोगों को मुख्य आरोपी बनाया गया है। जुलाई में दाखिल की गई पहली चार्जशीट में करीब 360 गवाहों के बयान शामिल थे।
नीट पेपर लीक मामले में कोर्ट ने cbi को पूरक चार्जशीट दाखिल करने के लिए दिया 7 दिनों का अतिरिक्त समय

NEET-UG 2026 : नीट पेपर लीक मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने CBI को पूरक चार्जशीट दाखिल करने के लिए 7 दिनों का अतिरिक्त समय दे दिया है। विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता की अदालत ने सीबीआई की याचिका को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को तय की है।

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CBI इस मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ पहले ही 20 हजार से ज्यादा पन्नों की प्राथमिक चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिस पर कोर्ट संज्ञान ले चुका है। फिलहाल फास्ट-ट्रैक कोर्ट में पहले से नामजद आरोपियों पर आरोप तय करने को लेकर जिरह चल रही है।

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13 लोग बनाए हैं आरोपी

जांच एजेंसी के अनुसार, 3 मई को आयोजित हुई नीट परीक्षा का पेपर प्रश्नपत्र तैयार करने और ट्रांसलेशन के दौरान ही लीक किया गया था। इस मामले में मनीषा मंधारे, प्रहलाद कुलकर्णी, मनोज शिरूरे, तेजस शाह और शुभम खैरनार समेत 13 लोगों को मुख्य आरोपी बनाया गया है। जुलाई में दाखिल की गई पहली चार्जशीट में करीब 360 गवाहों के बयान शामिल थे।

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इस बीच, कोर्ट हाल ही में गिरफ्तार हुए आरोपी शेषराव बजरंग सूर्यवंशी उर्फ राज सूर्यवंशी की न्यायिक हिरासत पर भी सुनवाई कर रही है। सीबीआई ने राज सूर्यवंशी को 2 सितंबर को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि वह मामले के मुख्य आरोपी शुभम खैरनार का करीबी सहयोगी है। उसने अभ्यर्थियों को नांदेड के एक घर में ठहराया, जहां उन्हें लीक हुआ पेपर मुहैया कराया गया। बदले में आरोपी ने अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक दस्तावेज और पैसे गारंटी के तौर पर अपने पास जमा करवा लिए थे।

क्या कहा CBI ने

सीबीआई का कहना है कि जब्त किए गए डिजिटल डिवाइस की जांच अभी जारी है। आरोपियों की रिहाई से गवाहों को प्रभावित करने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ का खतरा है।

गौरतलब है कि 3 मई 2026 को हुई इस परीक्षा में करीब 22.7 लाख छात्र शामिल हुए थे। पेपर लीक के खुलासे के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी, जिसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। अब 7 अक्टूबर को कोर्ट इस बहुचर्चित मामले में आगे की सुनवाई करेगा।

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Rohit Singh

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रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।

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