दिल्ली की अफसरशाही में बड़े फेरबदल की तैयारी, सूची तैयार, जल्द होगी जारी
Delhi News/प्रगनेश सिंह : राजधानी की अफसरशाही में एक ही रात तीन बड़े अधिकारियों की कुर्सी हिलने के बाद अब नजर उस सूची पर टिक गई है, जो दिल्ली के प्रशासनिक गलियारों में कई और कुर्सियों का हिसाब बदल सकती है। सूत्रों की मानें तो बड़े स्तर पर तबादलों की सूची लगभग तैयार है। पेंच केवल कुछ महत्वपूर्ण पदों पर नाम तय करने को लेकर फंसा है। यही वजह है कि तैयार होते-होते सूची फिलहाल फाइलों में अटकी हुई है। सबसे ज्यादा चर्चा डिवीजनल कमिश्नर और एक्साइज कमिश्नर की कुर्सी को लेकर है। नीरज सेमवाल के बाद डिवीजनल कमिश्नर पद की जिम्मेदारी किसे मिलेगी, इसे लेकर कई नामों पर मंथन हुआ है।
सूत्र बताते हैं कि 2008 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजय कुमार इस दौड़ में प्रमुख नामों में शामिल हैं और उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। एक्साइज कमिश्नर का पद फिलहाल इस फेरबदल की सबसे दिलचस्प कड़ी बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार इस पद के लिए तीन से चार अधिकारियों के नामों पर चर्चा हुई है। इनमें दिल्ली सरकार में उच्च शिक्षा निदेशक के पद पर तैनात अवनीश कुमार का नाम काफी प्रभावी माना जा रहा था। हालांकि, बताया जा रहा है कि उनके नाम पर ऊपर के स्तर से सहमति नहीं बन सकी। ऐसे में एक्साइज की कुर्सी किसके हिस्से आएगी, इसे लेकर तस्वीर अभी साफ नहीं है।
एमसीडी में दो आएंगे, एक की हो सकती है विदाई
फेरबदल का असर दिल्ली नगर निगम पर भी पड़ने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली सरकार से दो अधिकारियों को एमसीडी भेजे जाने पर विचार चल रहा है। इनमें एक अधिकारी को अतिरिक्त आयुक्त और दूसरे को उपायुक्त स्तर की जिम्मेदारी मिल सकती है। इसके साथ ही निगम में मौजूदा एक अतिरिक्त आयुक्त को वापस दिल्ली सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है। दिसंबर में सेवानिवृत्त होने जा रहे बी.एस. जागलान को लेकर भी प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज है। सूत्र बताते हैं कि सेवानिवृत्ति से पहले उन्हें दिल्ली सरकार में कोई नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। यदि ऐसा होता है तो आने वाले कुछ महीनों के लिए उनका कार्यक्षेत्र बदल सकता है।
जिलाधिकारियों की कुर्सी फिलहाल सुरक्षित
दिल्ली के जिलाधिकारियों के तबादलों को लेकर समय-समय पर चर्चाएं तेज होती रही हैं, लेकिन फिलहाल इस मोर्चे पर बड़ी हलचल के संकेत नहीं हैं। सूत्रों का कहना है कि अभी ऐसी कोई व्यापक सूची तैयार नहीं की जा रही है जिसमें जिलाधिकारियों के स्तर पर बड़े बदलाव प्रस्तावित हों। यानी बड़े फेरबदल की आहट के बीच फिलहाल जिलों की कमान संभाल रहे अधिकारियों को राहत मानी जा सकती है।
डीटीसी और डीएसआईआईडीसी की कुर्सियों पर भी नजर
अफसरशाही की निगाह डीटीसी और डीएसआईआईडीसी के शीर्ष पदों पर भी है। दोनों जगह जिम्मेदारी को लेकर कई नाम प्रशासनिक गलियारों में घूम रहे हैं। खास तौर पर डीटीसी की कमान को लेकर एक वरिष्ठ महिला अधिकारी का नाम चर्चा में है। सूत्रों का दावा है कि उन्हें डीटीसी का सीएमडी बनाया जा सकता है, हालांकि अंतिम मुहर अभी बाकी है। कुल मिलाकर, तीन बड़ी कुर्सियों में अचानक हुए बदलाव ने दिल्ली की अफसरशाही में जिस फेरबदल की शुरुआत की है, उसका अगला अध्याय अभी बाकी है। सूची तैयार है, नाम भी लगभग तय हैं, मगर कुछ महत्वपूर्ण कुर्सियों पर सहमति का इंतजार है। यही सहमति बनते ही दिल्ली सरकार से एमसीडी और परिवहन से राजस्व प्रशासन तक कई अधिकारियों के कमरे और नेमप्लेट बदल सकते हैं।

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