+

किसानों ने केएमपी एक्सप्रेस वे को किया बंद, ट्रॉली और चारपाई लेकर हाइवे पर बैठे प्रदर्शनकारी

कृषि कानून के खिलाफ किसानों को दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन करते हुए आज 135वां दिन है। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन तेज करते हुए किसानों ने शनिवार को हरियाणा में कुछ स्थानों पर कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे बाधित कर दिया।
किसानों ने केएमपी एक्सप्रेस वे को किया बंद, ट्रॉली और चारपाई लेकर हाइवे पर बैठे प्रदर्शनकारी
कृषि कानून के खिलाफ किसानों को दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन करते हुए आज 135वां दिन है। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन तेज करते हुए किसानों ने शनिवार को हरियाणा में कुछ स्थानों पर कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे बाधित कर दिया।
किसानों ने सुबह आठ बजे एक्सप्रेसवे बाधित किया और 24 घंटे तक अवरुद्ध रखने का आह्वान किया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने केएमपी हाइवे बंद करने का आह्वान किया है, इसी तर्ज पर सिंघु बॉर्डर से आए किसानों ने 1 नम्बर कुंडली टोल प्लाजा (वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे) सोनीपत को बंद कर दिया है।
किसान मोर्चा ने आंदोलन को तेज करने के लिए केएमपी हाइवे 24 घंटे के लिए बंद कर दिया है। वहीं किसानों ने हाइवे पर ही ट्रॉलियों को लगा दिया है, साथ ही टोल प्लाजा पर एक मंच भी बनाया है, जहां से किसान भाषण भी दे रहे हैं। करीब 500 से अधिक संख्या में किसानों ने हाईवे बंद के दौरान टिकरी बॉर्डर पर हुए एक किसान की मृत्यु पर 2 मिनट का मौन भी रखा और 'शहीद किसान अमर रहे' के नारे भी लगाए।
दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे आंदोलन को किसान एक मजबूत धार देने में लगे हुए हैं, यही वजह है कि किसान लगातार नई-नई रूप रेखा तैयार कर रहे हैं। वहीं संयुक्त किसान मोर्चा ने शुक्रवार को केएमसी एक्सप्रेसवे 24 घंटे के लिए बाधित करने का आह्वान किया था। करीब 136 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे को वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के नाम से भी जाना जाता है।
बहरहाल प्रदर्शनरत किसानों ने कहा कि आपात वाहनों की आवाजाही की अनुमति दी जाएगी। भारतीय किसान यूनियन (लखोवाल) के महासचिव हरिंदर सिंह लखोवाल ने कहा कि एक्सप्रेसवे को 24 घंटे के लिए बाधित किया जाएगा। इस बीच, हरियाणा पुलिस ने यातायात परामर्श जारी करते हुए यात्रियों से केएमपी मार्ग से यात्रा नहीं करने के लिए कहा। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) नवदीप सिंह विर्क ने शुक्रवार को कहा कि शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने, किसी भी तरह की हिंसा से बचने और एक्सप्रेसव पर यातायात की आवाजाही के लिए व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रभावित जिलों खासतौर से सोनीपत, झज्जर, पानीपत, रोहतक, पलवल, फरीदाबाद, गुड़गांव और नूह में यातायात के लिए मार्ग परिवर्तित करने की योजना है। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर अंबाला/चंडीगढ़ की तरफ से आने वाले यात्री करनाल से होते हुए उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद और नोएडा तथा पानीपत से सिनौली की तरफ जा सकते हैं। गुड़गांव और जयपुर की तरफ जाने वाले वाहन पानीपत से राष्ट्रीय राजमार्ग-71ए पर जा सकते हैं तथा गोहना, रोहतक, झज्जर और रेवाड़ी से होकर यात्रा कर सकते हैं।
दरअसल, तीन नए अधिनियमित खेत कानूनों के खिलाफ किसान पिछले साल 26 नवंबर से राष्ट्रीय राजधानी की विभिन्न सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान उत्पाद व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अधिनियम, 2020, मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2020 पर किसान सशक्तिकरण और संरक्षण समझौता हेतु सरकार का विरोध कर रहे हैं ।

करीब 12 घंटे तक चली भारत और चीन के बीच 11वें दौर की वार्ता, बाकी क्षेत्रों से सैनिकों की वापसी पर जोर

facebook twitter instagram