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देवेंद्र फडणवीस का आरोप, स्थायी करने के लिए NHM कर्मचारियों से ली जा रही रिश्वत

फडणवीस ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राज्य में लगभग 20,000 संविदा कर्मी हैं। एनएचएम एक केंद्र प्रायोजित योजना है, लेकिन इसका कार्यान्वयन राज्य सरकार करती है।
देवेंद्र फडणवीस का आरोप, स्थायी करने के लिए NHM कर्मचारियों से ली जा रही रिश्वत
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों को स्थायी करने के लिए रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे पत्र में दावा किया कि यह भ्रष्टाचार 300-400 करोड़ रुपये तक का है। 
फडणवीस ने पत्र में कहा कि कुछ राज्य मंत्रियों ने पहले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत संविदा कर्मियों को स्थायी करने का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा ‘‘इस तरह की टिप्पणियों के बाद कुछ ऑडियो क्लिप सामने आए हैं, जिनमें कुछ लोग कर्मचारी को स्थायी करने के लिए एक लाख से 2.5 लाख रुपये तक की मांग कर रहे हैं। यह घोटाला 300 करोड़ रुपये से 400 करोड़ रुपये तक का है। 
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राज्य में लगभग 20,000 संविदा कर्मी हैं। एनएचएम एक केंद्र प्रायोजित योजना है, लेकिन इसका कार्यान्वयन राज्य सरकार करती है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘कई लोगों ने रिश्वत चुकाने के लिए कर्ज तक लिया है ताकि उन्हें स्थायी नौकरी मिल सके। मैं अपने पत्र के साथ तीन ऑडियो क्लिप भेज रहा हूं जिनमें रिश्वत को लेकर हुई कथित बातचीत रिकॉर्ड की गई है।” 
फडणवीस ने कहा कि इस मामले में सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और इसमें शामिल किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘अगर इस एक मिशन में इतना भ्रष्टाचार है तो कल्पना करिये की राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अन्य क्षेत्रों में कितना भ्रष्टाचार हो सकता है।” 
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