Dharmendra Punjabi Films : धर्मेंद्र की दिलदारी बिना फीस रातों में पंजाबी फिल्मों की शूटिंग करते थे, अनिल शर्मा ने खोले राज
Dharmendra Punjabi Films : भारतीय सिनेमा में Dharmendra का नाम सिर्फ एक सुपरस्टार के तौर पर नहीं, बल्कि एक ऐसे कलाकार के रूप में लिया जाता है जिनका दिल भी उनकी मुस्कान जितना बड़ा है। पर्दे पर ही-मैन, एक्शन स्टार, रोमांटिक हीरो और इमोशनल किरदारों से लोगों का दिल जीतने वाले धर्मेंद्र असल जिंदगी में कितने बड़े दिल के इंसान थे, इसका खुलासा हाल ही में डायरेक्टर अनिल शर्मा ने किया है।
अनिल शर्मा ने बताया कि धर्मेंद्र सिर्फ बड़े पर्दे पर ही नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे भी किसी देवदूत से कम नहीं थे। उन्होंने न सिर्फ कई पंजाबी फिल्मों में बिना फीस लिए काम किया, बल्कि रात-रात भर शूटिंग करके उन फिल्म मेकर्स की मदद की, जो आर्थिक संकट से जूझ रहे थे। इतना ही नहीं, कई बार उन्होंने चुपचाप जरूरतमंदों की आर्थिक मदद भी कर दी, बिना किसी को बताए।
धर्मेंद्र स्टारडम के बीच भी जमीन से जुड़े इंसान थे।

Dharmendra का फिल्मी सफर किसी प्रेरणा से कम नहीं। हीमैन ऑफ बॉलीवुड, शानदारी एक्टर, लाखों दिलों के धड़कन यह तमाम पहचानें उन्हें मिलीं, लेकिन इन सबके बीच वह हमेशा अपने मूल, अपनी मिट्टी और अपने दिल को साथ लेकर चले। अनिल शर्मा बताते हैं कि धर्मेंद्र को लोग सिर्फ एक सुपरस्टार के रूप में जानते हैं, लेकिन वह एक बेहद भावुक, संवेदनशील और मददगार इंसान हैं। उनके लिए इंसानियत, दोस्ती और भरोसा पैसे से कहीं ऊपर थे। अनिल शर्मा बताते हैं कि धर्मेंद्र को लोग सिर्फ एक सुपरस्टार के रूप में जानते हैं, लेकिन वह एक बेहद भावुक, संवेदनशील और मददगार इंसान हैं। उनके लिए इंसानियत, दोस्ती और भरोसा पैसे से कहीं ऊपर थे।
पंजाबी फिल्मों से धर्मेंद्र का दिली रिश्ता

धर्मेंद्र भले ही हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में शामिल रहे हों, लेकिन उनकी जड़ें पंजाबी संस्कृति और पंजाब की मिट्टी से गहराई से जुड़ी रहीं।
वह अक्सर कहा करते थे - “मैं पंजाब का बेटा हू पंजाब मेरे दिल में बसता है।” पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री उस वक्त बहुत बड़ी नहीं थी। बजट कम, संसाधन कम और प्रतिस्पर्धा ज्यादा। कई छोटे प्रोड्यूसर्स ऐसे थे जो एक बड़े स्टार को अपनी फिल्म में लेने का सपना भी नहीं देख सकते थे। लेकिन धर्मेंद्र वो सितारा थे जो इन सपनों को बिना शोर किए पूरा कर देते थे।
रात में करते थे शूटिंग, वो भी बिना फीस!

अनिल शर्मा ने बताया कि जब धर्मेंद्र किसी पंजाबी फिल्म के लिए हां कहते थे, तो उसकी फीस की बात कभी नहीं करते थे वह कहते थे “बस बताओ, कब शूट करना है?” कई बार धर्मेंद्र दिन में अपनी बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग करते और रात में चुपचाप पंजाबी फिल्मों का हिस्सा बन जाते। वह कई बार अपने को-स्टार्स से कहते थे “रात को चलते हैं… थोड़ी शूटिंग कर लेंगे।” उस वक्त फिल्म यूनिट के लोग भी हैरान रह जाते कि देश का इतना बड़ा स्टार चुपचाप बिना किसी तामझाम के सेट पर पहुंच जाता है और सामान्य कलाकार की तरह काम करता है।
अनिल शर्मा की नजर में धर्मेंद्र का असली हीरोइज़्म
अनिल शर्मा ने कहा कि दुनिया धर्मेंद्र को एक्शन का हीरो समझती है, लेकिन उनके लिए धर्मेंद्र एक रियल लाइफ हीरो हैं। वे बताते हैं “धर्मेंद्र साहब में गजब की इंसानियत है। वे सामने वाले की परेशानी एक नजर में पढ़ लेते हैं न कोई हल्ला, न कोई दिखावा… बस मदद कर देते हैं।” एक बार एक फिल्ममेकर को पैसों की जरूरत थी। धर्मेंद्र को पता चला उन्होंने कहा “मैं भाई बनकर हूं तुम्हारे साथ. पैसे की चिंता मत करो।” और यही बातें धर्मेंद्र को आम इंसान से खास बनाती हैं।
Stardom से ऊपर दिल बड़ा हो तो इंसान बड़ा होता है

धर्मेंद्र अपने करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों का हिस्सा रहे, लेकिन उनके चाहने वालों की संख्या सिर्फ अभिनय की वजह से नहीं बढ़ीं। उनके व्यवहार, उनकी गर्मजोशी, उनकी दिलदारी सबने मिलकर उन्हें एक आइकॉन बनाया। कई नए कलाकार बताते हैं कि धर्मेंद्र सेट पर कभी भी स्टार की तरह व्यवहार नहीं करते थे। वे सभी से एक जैसा व्यवहार करते लाइटमैन, स्पॉटबॉय, तकनीशियन, जूनियर आर्टिस्ट… सबको सम्मान देते। कई बार सेट पर किसी को खाने की जरूरत हो, किसी को घर जाने के पैसे चाहिए हों या किसी का इलाज कराना हो धर्मेंद्र बिना सोचे मदद करते थे।
पंजाबी फिल्मों को मिली नई पहचान

धर्मेंद्र ने सिर्फ शूटिंग करके नहीं, बल्कि अपनी मौजूदगी से पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री को बहुत ताकत दी।जब एक बड़ा स्टार बिना फीस काम करता है, तो इंडस्ट्री को बढ़ने का मौका मिलता है। उनकी वजह से कई फिल्मों को फाइनेंस मिला नए एक्टर्स को मौके मिले पंजाबी फिल्में बड़े सिनेमा हॉल तक पहुंचने लगीं दर्शकों में पंजाबी फिल्मों को लेकर उत्साह बढ़ा धर्मेंद्र ने अपने कर्मों से पंजाबी सिनेमा को एक नई दिशा दी।
आज भी फैंस करते हैं दिल से प्यार
धर्मेंद्र भले ही उम्र के इस पड़ाव पर ज्यादातर शांत जीवन जी रहे हों, लेकिन वह आज भी जब स्क्रीन पर आते हैं, लोग तालियां बजाना नहीं भूलते। उनकी पुरानी फिल्में आज भी टीवी पर आती हैं और TRP बटोरती हैं। लोग आज भी कहते हैं “धर्मेंद्र जैसा स्टार कोई नहीं।” लेकिन शायद दुनिया ये नहीं जानती थी कि पर्दे के पीछे वे कितने “देवदूत” थे अब अनिल शर्मा के खुलासे ने वह सच सामने ला दिया है।
धर्मेंद्र जहां होते थे वहां स्टारडम छोटा पड़ जाता है

Dharmendra सिर्फ बॉलीवुड के हीरो नहीं, बल्कि इंसानियत के हीरो हैं उनके जैसे लोग फिल्म इंडस्ट्री में कम ही मिलते हैं जो बिना किसी स्वार्थ के, बिना नाम चाहने के, सिर्फ इंसानियत के लिए दूसरों की मदद करते हैं। उन्होंने पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री को वो दिया है, जो शायद कोई दूसरा सुपरस्टार नहीं दे पाया समय, सम्मान, सहयोग और दिल से किया गया प्यार। अनिल शर्मा का यह खुलासा हमें याद दिलाता है कि असली महानता स्क्रीन पर नहीं, बल्कि इंसान के दिल में बसती है और Dharmendra इस महानता का सबसे सुंदर उदाहरण हैं।

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