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तानाशाह किम ने की विफल होती स्वास्थ्य प्रणाली की आलोचना, WHO ने बिगड़ते हालातों पर जताई चिंता

उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन ने कोविड-19 के प्रकोप के शुरूआती चरणों में शीघ्र प्रतिक्रिया देने में विफल रहने पर अधिकारियों की आलोचना की।
तानाशाह किम ने की विफल होती स्वास्थ्य प्रणाली की आलोचना, WHO ने बिगड़ते हालातों पर जताई चिंता
उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन ने कोविड-19 के प्रकोप के शुरूआती चरणों में शीघ्र प्रतिक्रिया देने में विफल रहने पर अधिकारियों की आलोचना की। योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, उनकी आलोचना तब आई जब देश में 2,32,880 से अधिक लोगों के बुखार के लक्षणों से पीड़ित होने और छह अतिरिक्त मौतों की सूचना मिली। इससे कुल मृत्यु का आंकड़ा 62 हो गया। उत्तर कोरिया केी आधिकारिक संवाद समिति कोरियाई सेंट्रल न्यूज एजेंसी के अनुसार मंगलवार को एक सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की बैठक में, किम ने कहा कि प्रारंभिक चरण से संकट से निपटने में अपरिपक्वता और देश के प्रमुख अधिकारियों की सुस्त प्रतिक्रिया ने 'कमजोर बिंदुओं' दर्शाया है।
कोरोना में ध्वस्त हुई नॉर्थ कोरिया की स्वास्थ्य प्रणाली
किम ने कहा कि कोविड के खिलाफ इस तरह के उपायों के परिणामस्वरूप एंटीवायरस अभियान के शुरूआती दौर में 'जटिलता और कठिनाइयां' और बढ़ गई हैं। प्योंगयांग ने कहा कि रविवार को अधिकतम 390,000 मामले आए जिसके बाद इस सप्ताह बुखार के नए मामलों की संख्या में गिरावट आई है। बुधवार तक बुखार के कुल मामलों की संख्या 1.72 मिलियन से अधिक थी, जिनमें से 1.02 मिलियन से अधिक पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं और कम से कम 691,170 का इलाज किया जा रहा है। 12 मई को, उत्तर कोरिया ने दो साल से अधिक समय तक कोरोना वायरस मुक्त होने का दावा करने के बाद अपना पहला कोविड-19 मामला दर्ज किया।
नॉर्थ कोरिया में बिगड़ते हालातों पर WHO ने कही यह बात 
बता दें कि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) के निदेशक माइक रयान ने उत्तर कोरिया में प्रकोप के बारे में एक सवाल के जवाब में कहा, "निश्चित रूप से यह चिंताजनक है कि देश ... उपलब्ध उपकरणों का उपयोग नहीं कर रहे हैं। डब्ल्यूएचओ ने बार-बार कहा है कि जहां कोरोना पर नियंत्रण नहीं पाया गया है, वहां इस जानलेवा वायरस के नए वेरिएंट के उभरने का अधिक जोखिम होता है।" उसी प्रेस ब्रीफिंग में डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेबियस ने यह भी कहा कि वह हाथ से निकलती स्थिति और बिना कोरोना का टीका लिए वायरस से लड़ रही आबादी के लिए "बहुत ज्यादा चिंतित" हैं।
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