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Draupadi Murmu: मुख्यमंत्री पटनायक की पहल- राष्ट्रपति मुर्मू के गृह जिले में परियोजनाओं का उद्घाटन

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के गृह जिले मयूरभंज के करीब एक घंटे के दौरे के दौरान सुवर्णरेखा और देव सिंचाई परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
Draupadi Murmu: मुख्यमंत्री पटनायक की पहल- राष्ट्रपति मुर्मू के गृह जिले में परियोजनाओं का उद्घाटन
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के गृह जिले मयूरभंज के करीब एक घंटे के दौरे के दौरान सुवर्णरेखा और देव सिंचाई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि आदिवासियों के साथ समन्वय की वजह से राज्य की बीजू जनता दल (बीजद) सरकार कई कल्णकारी योजनाओं को लागू करने में सफल रही।
भाजपा का मुकाबला करने की बीजद की रणनीति 
पटनायक ने जनसभा के दौरान कहा, ‘‘आदिवासियों के लिये शिक्षा और रोजगार योजनाओं के माध्यम से राज्य प्रगति कर सकता है।’’उल्लेखनीय है कि मयूरभंज जिले की कुल आबादी में 53 प्रतिशत आदिवासी हैं। पटनायक के मयूरभंज दौरे को भाजपा का मुकाबला करने की बीजद की रणनीति माना जा रहा है, जो मुर्मू के देश के शीर्ष संवैधानिक पद पर निर्वाचित होने का लाभ लेने की कोशिश कर रही है। भाजपा कथित तौर पर राज्य के लोगों के बीच यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोशिशों के चलते शीर्ष पद पर आसीन हुईं। बीजद ने भी मुर्मू का राष्ट्रपति चुनाव में समर्थन किया था।
पटनायक ने अपने भाषण में कहा...... 
 जानकारी के मुताबिक मयूरभंज को भाजपा का गढ़ माना जाता है, जहां की नौ विधानसभा सीट में से छह पर उसके प्रत्याशियों की जीत हुई थी। इसके अलावा लोकसभा सीट भी भाजपा के खाते में गई थी। हालांकि, उस समय राजनीतिक समीकरण बदल गए जब बीजद ने जिला परिषद चुनाव में 59 में से 56 सीटों पर जीत दर्ज की। पटनायक ने अपने भाषण में कहा कि आदिवासी बच्चे अपनी प्रतिभा की बदौलत नाम कमा रहे हैं और यह राज्य सरकार की शिक्षा, जीविकोपार्जन और कौशल विकास की विभिन्न योजनाओं से संभव हुआ।पटनायक ने कहा कि इन दो सिंचाई परियोजनाओं से मयूरभंज और बालासोर के किसानों को लाभ होगा। पटनायक कार्यक्रम में मौजूद थे, लेकिन उनके पूर्व में रिकॉर्ड वीडियो भाषण को मंच से प्रसारित किया गया।अधिकारियों ने बताया कि 685 करोड़ की लागत से निर्मित सुवर्णरेखा सिंचाई परियोजना से 17,121 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी, जबकि 823 करोड़ रुपये की लागत से तैयार देव सिंचाई परियोजना से 9,900 हेक्टेयर की भूमि सिंचित होगी।

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