झारखंड में मानसून की बेरुखी से सूखे की आशंका

झारखंड में मानसून की बेरुखी के कारण किसानों को जहां परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं नौबत यह आ गई है कि दो-चार दिनों में अगर अच्छी बारिश नहीं हुई तो परेशानी और बढ़ सकती है। आमतौर पर जुलाई महीने में धान की रोपनी हो जाती है, लेकिन सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई का पहला पखवाड़ा बीतने के बाद भी राज्य की मुख्य फसल धान की रोपनी महज 11 प्रतिशत हो पाई है। स्थिति यह है कि राज्य के 24 जिलों में से दर्जन भर जिलों में रोपाई का कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। 

किसानों का कहना है कि अगर बारिश का रुख एक सप्ताह और कमजोर रहा तो धान की खेती मुश्किल हो जाएगी। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सरकार ने इस वर्ष भी धान के लिए 1800 हजार हेक्टेयर में खेती का लक्ष्य निर्धारितकिया है, परंतु 16 जुलाई तक 198 हजार हेक्टेयर भूमि में ही धान की रोपाई हो सकी है।

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रांची जिला से सटे मांडर के किसान लालदेव उरांव कहते हैं कि धान का बिचड़ा तैयार है, लेकिन धान की खेत में उतना पानी नहीं है किरोपनी शुरू की जा सके। उन्होंने कहा कि रोपनी के लिए धान की खेत को कई किसान तैयार कर चुके हैं, लेकिन उन्हें भी डर है कि धान के पौधों को रोपने के बाद बारिश नहीं हुई, तब क्या होगा? कृषि विभाग के उपनिदेशक मुकेश कुमार सिन्हा हालांकि वर्तमान स्थिति को उतनी खराब नहीं मानते।  

उन्होंने कहा, "खेतों में बिचड़ा तैयार है, मगर बारिश के कारण लोग धान की रोपनी नहीं कर पा रहे हैं।"वे स्वीकारते हैं कि बारिश के विलंब से शुरू होने से खेती का कार्य भी देरी से शुरू हुआ है और आगे भी हमारी उम्मीदें बारिश पर ही टिकी हुई हैं। उन्होंने कहा कि अगर अभी भी बारिश सही हो गई धान के उत्पादन के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, झारखंड में इस साल जून में सामान्य से 55 प्रतिशत कम बारिश हुई थी, जबकि जुलाई माह में अब तक इस माह होने वाली औसत बारिश का 40 फीसद बारिश ही हुई है। 

कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, उत्तरी छोटानागपुर और पलामू प्रमंडल में कहीं-कहीं ही धान की रोपनी हुई है, जबकि संथाल परगना प्रमंडल में लक्ष्य के अनुपात में दो प्रतिशत ही धान की रोपनी हो सकी है। इधर, राज्य के कृषि मंत्री रंधीर कुमार सिंह ने बताया कि सरकार सूखे से निपटने को तैयार है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री रघुवर ने भी सूखे की आशंका को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की है। उन्होंने कहा कि सरकार और कृषि विभाग किसानों के साथ है। 


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