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कोरोना काल में चिंता, तनाव और अवसाद से बचाव के लिए महिलाओं ने लिया योग का सहारा, जानिए इसके फायदे

कोरोना वायरस महामारी का न केवल हमारे शरीर पर प्रभाव पड़ा है, बल्कि इससे इंसान की मानसिक स्थिति भी प्रभावित हुई है।
कोरोना काल में  चिंता, तनाव और अवसाद से बचाव के लिए महिलाओं ने लिया योग का सहारा, जानिए इसके फायदे
कोरोना वायरस महामारी का न केवल हमारे शरीर पर प्रभाव पड़ा है, बल्कि इससे इंसान की मानसिक स्थिति भी प्रभावित हुई है। कोरोना काल में लोगों में चिंता, तनाव, अवसाद जैसी कई चीजों का इजाफा हुआ है। लॉकडाउन के कारण लोग अपने घरों में बंद है जिसके कारण मानसिक तनाव और मूड स्विंग्स जैसी बाते बहुत आम हो गयी हैं। सर्वेक्षण के मुताबिक, हर 2 में से 1 महिला का कहना है कि महामारी ने उनके मानसिक स्वास्थ्य को नकारात्मक ढंग से प्रभावित किया है। 
एक्टिव और फिट रहकर कई महिलाओं को खराब मूड से निपटने में मदद मिली है। महामारी के दौरान 60 प्रतिशत से अधिक महिलाओं ने सक्रिय रूप से योग को अपनाया है। उनका कहना है कि लॉकडाउन के समय में अवसाद को मात देने में व्यायाम काफी कारगर साबित हुआ है। 85 प्रतिशत महिलाएं इस बात से सहमत हैं कि योग तनाव को कम करने और चिंता को प्रबंधित करने में मदद कर सकता है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पहले प्रीमियम लॉन्जरी ब्रांड एनामोर की तरफ से करीब 2200 से अधिक महिलाओं पर यह सर्वेक्षण किया गया। 
महामारी के समय में एथलेबिकिंग और क्वॉरंटाइन फैशन का बोलबाला बढ़ा है क्योंकि घर पर रहने के दौरान लोग इन्हीं कपड़ों में खुद को सहज पाते हैं और वर्क फ्रॉम होम के लिए भी इन्हें स्टाइलिश माना गया है। महिलाओं का भी यही मानना है कि किसी एक्टिविटी के लिए आपकी ड्रेसिंग जितनी बेहतर होगी, आपका परफॉर्मेंस भी उतना ही बेहतर होगा। लगभग 94 प्रतिशत महिलाओं का कहना है कि स्ट्रेच करने के लिए सही पोशाक पहनने से योग सेशन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलती है। 
योग के फायदों को महिलाएं अच्छी तरह से समझती हैं। सर्वेक्षण में शामिल लोगों में से सत्तर प्रतिशत ने सहमति व्यक्त की कि योग एक स्वस्थ जीवन शैली की ओर ले जा सकता है और 60 प्रतिशत ने महामारी के दौरान इस गतिविधि को अन्य प्रकार के व्यायामों के मुकाबले अधिक पसंद किया क्योंकि इसके काफी सारे लाभ हैं। योग न केवल तनाव को कम करने और चिंता का प्रबंधन करने में मदद करता है, बल्कि यह ताकत में वृद्धि, शरीर में संतुलन लाने और लचीलेपन को बढ़ाने में भी मदद करता है। इससे एकाग्रता बढ़ती है, मानसिक स्थिति अच्छी होती है। 
महिलाएं मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए वर्कआउट कर रही हैं। सर्वेक्षण में शामिल 60 प्रतिशत से अधिक महिलाओं ने सप्ताह में 3 बार से अधिक व्यायाम करने का दावा किया। कई अन्य महिलाएं (61 फीसदी) भी सक्रिय रहने के लिए दौड़ना, चलना और टहलना पसंद कर रही हैं। 
एनामोर की उपाध्यक्ष सैंड्रा डेनियल्स कहती हैं, स्वास्थ्य ही संपदा है और महामारी ने इस बात को और अच्छे से साबित कर दिखाया है। हमारे सर्वेक्षण में स्पष्ट रूप से यह पता चलता है कि अधिक से अधिक महिलाएं मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए आज एक्टिव रहने को प्राथमिकता दे रही हैं। एनामोर की तरफ से पेश एथलिसर को आधुनिक भारतीय महिलाओं को ध्यान में रखकर ही तैयार किया गया है। यह स्मार्ट, एक्टिव और आज के जमाने का है। इसे पहनकर आप न सिर्फ अच्छी दिखेंगी, बल्कि अच्छा महसूस भी करेंगी।
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