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एनकाउंटर के दौरान विकास दुबे को 3 सीने में और 1 हाथ में लगी थी गोली

एनकाउंटर के दौरान विकास दुबे को 3 सीने में और 1 हाथ में लगी थी गोली
कुख्यात अपराधी एवं कानपुर के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले का मुख्य आरोपी विकास दुबे शुक्रवार सुबह कानपुर के भौती इलाके में कथित पुलिस मुठभेड़ मे मारा गया। पुलिस के अनुसार उज्जैन से कानपुर लाते समय हुए सड़क हादसे में एक पुलिस वाहन के पलटने के बाद दुबे ने हथियार छीनकर भागने का प्रयास किया। जिसके बाद हुई मुठभेड़ में वह मारा गया।
वहीं LLR अस्पताल के प्रिंसिपल डॉ.आरबी कमल ने बताया कि विकास दुबे को अस्पताल में मृत लाया गया था। उसको 4 गोली लगी थी। 3 गोली सीने में और एक हाथ में लगी थी। उन्होंने कहा कि असपताल में 3 पुलिसकर्मी लाए गए हैं रमाकांत, पंकज और प्रदीप, वो खतरे से बाहर हैं। 2 पुलिसकर्मियों को गोली लगी है, दोनों की हालत अभी स्थिर है।
विकास की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव
वहीं विकास दुबे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने से पहले उसका कोविड-19 टेस्ट किया गया। विकास की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। डिप्टी सीएमओ समेत तीन डॉक्टरों के पैनल और वीडियोग्राफी से  पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
डिवाइडर से टकराकर पलट गई पुलिस की गाड़ी
कानपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने बताया कि सड़क दुर्घटना सुबह हई। उन्होंने कहा ‘‘ तेज बारिश हो रही थी। पुलिस ने गाड़ी तेज भगाने की कोशिश की जिससे वह डिवाइडर से टकराकर पलट गयी और उसमें बैठे पुलिसकर्मी घायल हो गये। उसी मौके का फायदा उठाकर दुबे ने पुलिस के एक जवान की पिस्तौल छीनकर भागने की कोशिश की और कुछ दूर भाग भी गया। ’’
एसटीएफ के जवानों ने की पहले विकास को गिरफ्तार करने की कोशिश 
कुमार ने कहा, ‘‘ तभी पीछे से एस्कार्ट कर रहे एसटीएफ के जवानों ने उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की और उसी दौरान उसने एसटीएफ पर गोली चला दी जिसके जवाब में जवानों ने भी गोली चलाई और वह घायल होकर गिर पड़ा। हमारे जवान उसे अस्पताल लेकर गये जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।’’ इस बीच, पुलिस ने एक बयान जारी कर बताया कि सड़क दुर्घटना कानपुर के भौती इलाके में हुयी ।
मुठभेड़ में दुबे घायल हो गया था और अस्पताल में उसे मृत घोषित किया गया
कानपुर परिक्षेत्र के एडीजी जे. एन. सिंह ने कहा, ‘‘ मुठभेड़ में दुबे घायल हो गया था और अस्पताल में उसे मृत घोषित किया गया।’’ सिंह ने कहा कि विस्तृत जानकारी के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट को इंतजार है। वहीं, अग्रवाल ने बताया कि गाड़ी पलटने से घायल पुलिस कर्मियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंन्द्र कल्याणपुर में भर्ती कराया गया है।
उन्होंने बताया कि गाड़ी पलटने से विकास दुबे के साथ वाहन में सवार नवाबगंज के पुलिस निरीक्षक रमाकांत पचूरी और कॉन्स्टेबल पंकज सिंह, अनूप कुमार तथा प्रदीप घायल हो गये। मौके का फायदा उठाकर दुबे पचूरी की पिस्तौल छीनकर भाग गया, लेकिन मुठभेड़ में घायल हो गया और फिर अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी। अग्रवाल ने बताया कि घायल हुए पुलिसकर्मियों में से एक की हालत गंभीर है और उसे हैलट अस्पताल भेजा जा रहा है।
विकास दुबे को बृहस्पतिवार को मध्य प्रदेश के उज्जैन में गिरफ्तार किया गया था । गौरतलब है कि दो तीन जुलाई की दरमियानी रात कानपुर के चौबेपुर इलाके के बिकरू गांव में विकास दुबे को गिरफ्तार करने गए पुलिस दल पर दुबे और उसके साथियों ने गोलियां बरसाई थीं, जिसमें एक पुलिस उपाधीक्षक समेत आठ पुलिसकर्मी मारे गए थे।

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