ED ने राजस्थान की एक रत्न निर्यात कंपनी, प्रवर्तकों की पांच करोड़ रुपये की परिसंपत्तियां कुर्क की

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राजस्थान की एक रत्न निर्यात करने वाली कंपनी और उसके प्रवर्तकों की करीब पांच करोड़ रुपये की परिसंपत्तियां कुर्क की हैं। ईडी ने बुधवार को बताया कि कंपनी, प्रवर्तकों के खिलाफ कथित बैंक धोखाधड़ी और धनशोधन की जांच के दौरान ये संपत्तियां कुर्क की गयी हैं।
 
ईडी ने कहा कि कुर्क की गयी परिसंपत्तियों में जयपुर में चार अचल संपत्तियां, तीन आवासीय सह कार्यालय परिसर और मुंबई के संभ्रांत इलाके में एक फ्लैट शामिल हैं। इनका मूल्य करीब 3.80 करोड़ रुपये है। वही इसके अलावा भारतीय स्टेट बैंक की जयपुर शाखा में 1.31 करोड़ रुपये की जमा को भी कुर्क किया गया है।
 
मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के तहत एजेंसी ने विपुल जेम्स प्राइवेट लिमिटेड के शांति कुमार चोरडिया, उमराव मल चोरडिया और नयनतारा चोरडिया के खिलाफ जब्ती का अस्थायी आदेश जारी कर कुल 5.11 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियां कुर्क की हैं। 

यह कार्रवाई बैंक ऑफ बड़ौदा की जयुपर की नेहरू प्लेस शाखा में कथित धोखाधड़ी के खिलाफ की गयी है। 
बयान के अनुसार, ‘‘इन इकाइयों ने बैंक के साथ धोखाधड़ी की और गड़बड़ी कर आपराधिक इरादे से बैंक को कर्ज राशि वसूलने से रोका। इसके कारण बैंक को करीब 30 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। यह राशि इन कर्जदाताओं को दी गयी थी।’’ 

बयान के मूताबिक जांच में रत्न निर्यात में लगी तीन कंपनियां विपुल जेम्स प्राइवेट लिमिटेड, विपुल जेम्स एंड के. वी. एक्सपोर्ट्स का नाम सामने आया था। इसके बाद ही यह कार्रवाई की गयी है। 

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