दिल्ली उच्च न्यायालय से ईडी ने कहा- शिवकुमार की पत्नी, मां को पेश होने की जरूरत नहीं

प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली उच्च न्यायालय से बुधवार को कहा कि कर्नाटक कांग्रेस नेता डी. के. शिवकुमार की पत्नी और मां को फिलहाल जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित होने की जरूरत नहीं है। शिवकुमार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन के एक मामले में तीन सितंबर को गिरफ्तार किया था। वह तिहाड़ जेल में कैद हैं। 

जांच एजेंसी ने शिवकुमार की पत्नी उषा शिवकुमार और उनकी मां गौरम्मा की दो अलग याचिकाओं पर यह दलील दी। उन दोनों ने धन शोधन के मामले में ईडी द्वारा उन्हें जारी समन को चुनौती दी थी। गौरतलब है कि ईडी ने गौरम्मा और उषा को क्रमश: 15 और 17 अक्टूबर को अपने समक्ष पेश होने के लिये तलब किया था, लेकिन गौरम्मा उपस्थित नहीं हुई।

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ईडी के वकील ने न्यायमूर्ति बृजेश सेठी से कहा कि उषा को बृहस्पतिवार को इस वजह से पेश होने की जरूरत नहीं है कि दोनों महिलाओं के खिलाफ नये समन जारी किये जाएंगे और कम से कम सात कार्य दिवसों का अंतराल होगा। केंद्र सरकार के वकील कीर्तिमान सिंह की दलील पर गौर करते हुए अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर के लिये सूचीबद्ध कर दी। 

गौरम्मा की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता डी कृष्णन ने कहा कि सीआरपीसी के प्रावधान के मुताबिक 15 साल से कम उम्र की लड़की, या 65 साल से अधिक उम्र की महिला को पुलिस थाने में नहीं बुलाया जा सकता। उन्होंने कहा कि शिवकुमार की मां की उम्र 85 साल है। इसलिये यदि ईडी अधिकारी उनसे पूछताछ करना चाहते हैं तो उन्हें उनके घर जाना होगा और वे उन्हें अपने कार्यालय आने के लिये नहीं कह सकते। 
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