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TMC नेता महुआ मोइत्रा ने चुनाव आयोग के मुख्यालय को बताया नया श्मशान

भारत के चुनाव आयोग पर एक तीखे हमले करते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की नेता महुआ मोइत्रा ने आज दिल्ली के निर्वाचन सदन के मुख्यालय को नया श्मशान बताया।
TMC नेता महुआ मोइत्रा ने चुनाव आयोग के मुख्यालय को बताया नया श्मशान
भारत के चुनाव आयोग पर एक तीखे हमले करते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की नेता महुआ मोइत्रा ने आज दिल्ली के निर्वाचन सदन के मुख्यालय को 'नया श्मशान' बताया। मोइत्रा ने ये टिप्पणी चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनाव परिणामों के एक दिन बाद की। मोइत्रा ने ट्वीट किया, निर्वाण सदन दिल्ली में नया श्मशान है। यहां संवैधानिक निकाय जलाया गया है।
चुनाव आयोग की वेबसाइट पर नवीनतम अद्यतन आंकड़ा बताता है कि टीएमसी ने पश्चिम बंगाल की 292 सीटों में से 210 में जीत हासिल की है, हालांकि, आंकड़ों में 77 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी की जीत का उल्लेख है। साथ ही एक निर्दलीय उम्मीदवार और एक राष्ट्रीय सेक्युलर मजलिस पार्टी के उम्मीदवार ने चुनाव में जीत हासिल की। 
उधर, दूसरी ओर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने सोमवार को कहा कि वर्तमान निर्वाचन आयोग को भंग किया जाए और इसके सदस्यों के कदमों की जांच होनी चाहिए क्योंकि इसने मतदाताओं के विश्वास के साथ कथित तौर पर धोखा किया है। 
उन्होंने यह मांग भी की है कि उच्चतम न्यायालय की एक संविधान पीठ को मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्तियों के लिए पात्रता के बारे में फैसला करना चाहिए। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यह टिप्पणी उस वक्त की है जब एक दिन पहले ही चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों के नतीजे आए हैं। 
शर्मा ने एक बयान में कहा, ‘‘वर्तमान निर्वाचन आयोग को भंग किया जाना चाहिए और इसके सदस्यों के कदमों की जांच होनी चाहिए। निर्वाचन आयोग ने खुद को कलंकित किया है और मतदाताओं के विश्वास के साथ धोखा किया है।’’ उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति के लिए संख्या तथा पात्रता पर निर्णय करने तथा आयोग के निष्पक्ष एवं स्वतंत्र ढंग से काम करने के लिए दिशानिर्देश तय करने को लेकर सर्वोच्च अदालत की संविधान पीठ को फैसला करना चाहिए। 
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने अनुच्छेद 324 के तहत मिले अधिकार का हनन किया है। शर्मा ने कहा कि बिना किसी पाबंदी के बड़ी जनसभाओं करने की अनुमति देकर आयोग कोविड संबंधी प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने का दोषी है तथा इसे जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। 


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