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दिग्गज सिंगर एस. जानकी अम्मा का 88 वर्ष की उम्र में निधन, भारतीय संगीत जगत ने खोई अपनी अमर आवाज!

03:32 AM Jul 12, 2026 IST | Shera Rajput
दिग्गज सिंगर एस  जानकी अम्मा का 88 वर्ष की उम्र में निधन  भारतीय संगीत जगत ने खोई अपनी अमर आवाज
Legendary Singer S. Janaki Amma passes away: भारतीय संगीत जगत की दिग्गज पार्श्व गायिका एस. जानकी अम्मा का शनिवार को मैसूर के एक निजी अस्पताल में उम्र संबंधी बीमारियों के चलते निधन हो गया। वह 88 वर्ष की थीं। शुक्रवार रात उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से देशभर में शोक की लहर है और संगीत जगत ने अपनी सबसे प्रभावशाली आवाजों में से एक को खो दिया है।

पोती ने सोशल मीडिया पर दी निधन की जानकारी

एस. जानकी अम्मा की पोती अप्सरा वैद्युला ने इंस्टाग्राम पर उनके निधन की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि उनकी दादी ने शांतिपूर्वक इस दुनिया को अलविदा कहा। उन्होंने कहा कि परिवार गहरे दुख में है, लेकिन इस बात का गर्व भी है कि जानकी अम्मा ने अपने कालजयी संगीत से करोड़ों लोगों के जीवन में खुशियां बिखेरीं।

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उन्होंने आगे लिखा कि दुनिया के लिए वह एक महान और अमर आवाज़ थीं, जिनके गीत अनगिनत यादों का हिस्सा बन गए। हमारे लिए वह एक स्नेहमयी दादी थीं, जिनकी गर्मजोशी, विनम्रता, दयालुता और गरिमा हमेशा हमारे साथ रहेगी। इस कठिन समय में, जब हम उनके निधन के दुख से उबरने की कोशिश कर रहे हैं, हम सभी से हमारे परिवार की निजता का सम्मान करने का अनुरोध करते हैं।

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छह दशक से अधिक का शानदार संगीत सफर

23 अप्रैल 1938 को आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के पल्लापटला गांव में जन्मीं एस. जानकी को प्रेम से "जानकी अम्मा" कहा जाता था। उन्होंने महज 19 वर्ष की उम्र में वर्ष 1957 की तमिल फिल्म 'विधियिन विलायट्टु' से पार्श्व गायन की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने छह दशक से अधिक लंबे करियर में 48 हजार से अधिक गीत रिकॉर्ड किए।

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उन्होंने मुख्य रूप से कन्नड़, तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्मों में अपनी आवाज दी। इसके अलावा हिंदी, ओड़िया, तुलु, उर्दू, पंजाबी, बांग्ला सहित करीब 20 भारतीय भाषाओं में भी उन्होंने फिल्म, एल्बम, रेडियो और टेलीविजन के लिए गीत गाए। कन्नड़ भाषा में उन्होंने सबसे अधिक गीत रिकॉर्ड किए और पी. बी. श्रीनिवास, एस. पी. बालासुब्रह्मण्यम तथा डॉ. राजकुमार के साथ उनके कई युगल गीत आज भी बेहद लोकप्रिय हैं।

सम्मान और उपलब्धियों से भरा रहा करियर

अपने लंबे संगीत सफर में एस. जानकी को चार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और 33 राज्य फिल्म पुरस्कारों सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया। कर्नाटक सरकार ने उन्हें 'राज्योत्सव प्रशस्ति' सम्मान भी प्रदान किया था।

वर्ष 2013 में उन्होंने पद्म भूषण सम्मान स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। उनका मानना था कि भारतीय संगीत में उनके योगदान को देखते हुए यह सम्मान उन्हें काफी देर से दिया गया। वह यह भी मानती थीं कि उनके योगदान के लिए उन्हें भारत रत्न जैसे सर्वोच्च नागरिक सम्मान का हकदार माना जाना चाहिए।

सादगीभरा जीवन और निजी संघर्ष

वर्ष 1997 में पति वी. रामप्रसाद के निधन के बाद एस. जानकी ने बेहद सादा और गरिमापूर्ण जीवन जीना शुरू कर दिया था। वह अधिकतर सफेद या हल्के रंग की साड़ियों में नजर आती थीं, जो उनकी पहचान बन गई थी। इसी वर्ष 22 जनवरी को उनके पुत्र मुरली कृष्ण का भी निधन हो गया था, जिससे परिवार को गहरा आघात पहुंचा था।

उपराष्ट्रपति सहित कई नेताओं ने जताया शोक

भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने एस. जानकी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी असाधारण आवाज ने भारतीय संगीत को समृद्ध किया और पीढ़ियों तक श्रोताओं के दिलों को छुआ। उन्होंने कहा कि जानकी अम्मा ने छह दशकों से अधिक समय तक तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, हिंदी सहित कई भाषाओं में हजारों गीत गाकर भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके अनुसार, उनका निधन भारतीय कला और सांस्कृतिक विरासत के लिए अपूरणीय क्षति है।

तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने भी कहा कि एस. जानकी की मधुर आवाज हमेशा संगीत प्रेमियों के दिलों में जीवित रहेगी। वहीं कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने कहा कि उनकी स्वर्णिम आवाज ने करोड़ों लोगों के दिलों में अमिट स्थान बनाया और उनका जाना संगीत जगत के लिए बड़ी क्षति है।

राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

कर्नाटक सरकार ने एस. जानकी का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ कराने का निर्णय लिया है। सरकार की ओर से मंत्री यतींद्र सिद्धरमैया को अंतिम संस्कार में प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

रविवार सुबह उनका पार्थिव शरीर मैसूरु के महाराजा कॉलेज मैदान में आम लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद परिवार की इच्छा के अनुसार मैसूर के कनियानहुंडी गांव स्थित खेत में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंतिम संस्कार का समय परिवार की ओर से तय किया जाएगा।

देशभर से उमड़ा श्रद्धांजलि का सैलाब

एस. जानकी के निधन की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में प्रशंसक, राजनीतिक नेता और फिल्म जगत की हस्तियां अस्पताल पहुंचीं और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला, मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी, बंडी संजय कुमार, अभिनेता चिरंजीवी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, वाईएसआरसीपी प्रमुख वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी सहित कई प्रमुख नेताओं और कलाकारों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।

एस. जानकी अपने पीछे ऐसा संगीत खजाना छोड़ गई हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और भारतीय संगीत की अमूल्य धरोहर बना रहेगा।

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Shera Rajput

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