एग्जिट पोल शेयर बाजार में तेजी लाने और विपक्षी दलों की एकता तोड़ने के लिए : मोइली

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एम वीरप्पा मोइली ने बुधवार को आरोप लगाया कि केंद्र में बीजेपी सरकार की वापसी का पूर्वानुमान जताने वाले एग्जिट पोल का मकसद स्टॉक बाजार में निवेशकों की धारणा को बढ़ाने और विपक्षी दलों की एकता में ‘‘फूट’’ डालना है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह शिद्दत से महसूस करते हैं कि एक्जिट पोल जमीनी हकीकत को बयां नहीं करते हैं।

मोइली ने दावा किया किएग्जिट पोल करने वाली कुछ एजेंसियां यह कह कर ‘‘जिम्मेदारी से भाग’’ रही हैं कि ‘‘इसमें पूरी तरह से गड़बड़ियां’’ हैं। उन्होंने कहा ‘‘इसे (मोदी सरकार की वापसी का दावा करने वाला एक्जिट पोल) निश्चित ही कुछ दूसरे मकसद से किया गया है। पहले स्थान पर स्टॉक मार्केट का प्रोजेक्ट है। लोगों को 4.5 लाख करोड़ से पांच लाख करोड़ रूपये तक का फायदा हुआ है।’’

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उनका इशारा सोमवार को बीएसई स्टॉक एक्सचेंज में आई 1422 अंकों की उछाल की ओर था जिससें निवेशकों का धन 5.33 लाख करोड़ रूपये बढ़ गया। ऐसी उछाल तब देखने को मिली जब एक्जिट पोलों में बीजेपी नीत राजग सरकार की वापसी का दावा किया गया। मोइली ने  कहा, ‘‘और दूसरा (एग्जिट पोलों का ऐेसा होना) यह है कि विपक्षी एकता को तोड़ा जाए। इसमें वे सफल नहीं होंगे।

कल (मतगणना के दिन) इस बात पर अचरज नहीं होना चाहिये अगर विपक्षी एकता बहुमत हासिल कर ले।’’ जब उनसे पूछा गया कि क्या ‘‘कई तरह के’’ गैर-बीजेपी, गैर-राजग दल की एकता का प्रयास कारगर होगा तो उन्होंने ने कहा, ‘‘कई बार यह इसलिए काम करता है क्योंकि साझा दुश्मन मोदी और बीजेपी है। चूंकि चुनाव के समय ये सभी दल बीजेपी की ज्यादती से परेशान हैं। इसलिए, मैं नहीं समझता कि वे बीजेपी के साथ जायेंगे।’’

सरकार बनने पर प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार चुनने के ‘विवादास्पद’ मुद्दे पर, उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि विपक्ष से प्रधानमंत्री चुनने में बहुत कठिनाई है।’ मोइली से जब पूछा गया था कि क्या कांग्रेस प्रधानमंत्री के पद पर जोर नहीं देगी तो उन्होंने कहा, ‘‘हम कल ही कोई प्रतिक्रिया देंगे’’।

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